उत्तराखण्ड
पहाड़पानी व पदमपुरी के स्वास्थ्य संस्थानों का सीएमओ ने किया निरीक्षण



जलजनित रोगों की निगरानी तेज करने और बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
नैनीताल, 30 सितंबर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बुधवार को आयुष्मान आरोग्य केंद्र पहाड़पानी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुरी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थागत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने जलजनित रोगों की निगरानी को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित मरीजों की समय पर पहचान, जांच, उपचार और आवश्यक दवाओं का वितरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्थाएं बेहतर रखने के निर्देश
सीएमओ ने बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को बर्थ वेटिंग होम में पर्याप्त भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रसव के बाद महिला एवं नवजात को ‘खुशियों की सवारी’ के माध्यम से सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
स्वास्थ्य कर्मियों की हौसला अफजाई
आयुष्मान आरोग्य केंद्र पहाड़पानी में डॉ. रश्मि पंत ने स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद कर क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समर्पण के साथ कार्य कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों की हौसला अफजाई की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने में स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता और संवेदनशील कार्यशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने टीम को इसी सेवा भावना और समर्पण के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।
नकारात्मक खबरों व शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों में प्रकाशित नकारात्मक खबरों तथा जनशिकायतों का तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अनुपालन रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ज्योलिकोट क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार जारी
इधर, ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम एवं ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 60 लोगों की स्वास्थ्य जांच, 104 लोगों की काउंसलिंग, 40 ब्लड टेस्ट और 11 टेली-कंसल्टेंसी की गई।
इसके अलावा चोपड़ा तल्ला में 42, बेलवाखान में 34 तथा देवीधुरा में 56 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। जरूरतमंद लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया।

















