उत्तराखण्ड
नाज़िम हत्याकांड में अमरीन को हाईकोर्ट से जमानत

अधिवक्ता दीपक पांडे की प्रभावी पैरवी, न्यायालय ने जमानत याचिका की स्वीकार
बहुचर्चित नाज़िम हत्याकांड से जुड़े मामले में आरोपी अमरीन को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अमरीन की ओर से अधिवक्ता दीपक पांडे ने हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी करते हुए मामले से जुड़े विभिन्न कानूनी एवं तथ्यात्मक पहलुओं को न्यायालय के समक्ष रखा।
बचाव पक्ष की ओर से मामले के तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में विस्तृत दलीलें प्रस्तुत की गईं। अधिवक्ता दीपक पांडे ने न्यायालय के समक्ष आरोपी का पक्ष रखते हुए कहा कि मामले की समस्त परिस्थितियों एवं उपलब्ध तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अमरीन को जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अमरीन की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे जमानत प्रदान कर दी। जमानत आदेश के बाद बचाव पक्ष ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया।
नाज़िम हत्याकांड वर्ष 2020 में उत्तराखंड में सामने आया था। इस मामले में अमरीन सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में निचली अदालत द्वारा दोषसिद्धि भी की गई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट में संबंधित न्यायिक कार्यवाही जारी रही।
अमरीन की ओर से हाईकोर्ट में अधिवक्ता दीपक पांडे की पैरवी के दौरान मामले के विभिन्न कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं को प्रमुखता से रखा गया। हाईकोर्ट से जमानत मिलना अमरीन के लिए महत्वपूर्ण न्यायिक राहत माना जा रहा है।
हालांकि, जमानत मिलना आरोपों से बरी होना नहीं है और न ही इससे मामले के अंतिम गुण-दोष पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकलता है। प्रकरण में आगे की न्यायिक कार्यवाही हाईकोर्ट के आदेश एवं लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।

















