उत्तराखण्ड
धारी में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत बच्चों को पॉक्सो एक्ट और बाल अधिकारों के प्रति किया जागरूक



धारी, 28 अक्टूबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बुधवार को तहसील धारी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय धारी में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिविल जज प्रतीक कपिल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) तथा कानून के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों और बाल यौन शोषण की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही बाल यौन अपराधों की रोकथाम और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, बाल अपराधों की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्कता तथा किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में तत्काल पुलिस विभाग या संबंधित सक्षम अधिकारियों को सूचना देने के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर तहसीलदार धारी मनीषा बिष्ट ने बच्चों को गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा के संबंध में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने आसपास होने वाली अनुचित गतिविधियों के प्रति सजग रहना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है या उन्हें असहज महसूस कराता है, तो उन्हें बिना डर के इसकी जानकारी अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी अन्य विश्वसनीय वयस्क को देनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को अपनी बात खुलकर रखने और किसी भी तरह के भय या दबाव में न आने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल अपराधों के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों के अनुकूल सुरक्षित सामाजिक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया गया। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और बाल शोषण जैसी घटनाओं की रोकथाम में सक्रिय सहयोग करें।
इस दौरान सब इंस्पेक्टर गुलाब सिंह कंबोज, अशोक जोशी (एपीओ), अधिवक्ता चंदन बोरा, अधिवक्ता गोपाल बिष्ट, भवान पुरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





