उत्तराखण्ड
जॉब आईटीआई हल्द्वानी में यूओयू का उच्च शिक्षा जागरूकता अभियान


दूरस्थ शिक्षा एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की जानकारी देकर विद्यार्थियों को किया जागरूक
हल्द्वानी, 07 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू), हल्द्वानी की ओर से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसरों, मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली तथा रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जॉब आईटीआई, हल्द्वानी में उच्च शिक्षा जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार अभियान आयोजित किया गया।
यह अभियान विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में संचालित स्नातक, स्नातकोत्तर, व्यावसायिक एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के साथ-साथ प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, अध्ययन सामग्री, परीक्षा प्रणाली एवं अध्ययन केंद्रों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को बताया गया कि मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से वे अपनी तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा भी जारी रख सकते हैं। आईटीआई विद्यार्थियों को विशेष रूप से कौशल-आधारित तकनीकी शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा के महत्व तथा 12वीं के बाद उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक एवं रोजगारपरक अवसरों की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, अध्ययन पद्धति, परीक्षा व्यवस्था तथा उच्च शिक्षा एवं रोजगार की संभावनाओं से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। विश्वविद्यालय की टीम ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें उनकी रुचि, योग्यता एवं भविष्य की योजनाओं के अनुरूप उपयुक्त पाठ्यक्रम के चयन के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।
अभियान में विज्ञान विद्याशाखा के अंतर्गत जन्तु विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. एस. एस. कुंजवाल, गणित विभाग से डॉ. कमलेश बिष्ट एवं भूगोल विभाग से डॉ. प्रदीप पंत के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। टीम ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्ध पाठ्यक्रमों तथा दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने की संभावनाओं से अवगत कराया।
अभियान का प्रमुख उद्देश्य “उच्च शिक्षा आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करते हुए विद्यार्थियों तक उच्च शिक्षा के अवसर पहुंचाना तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा को अधिक सुलभ, लचीला एवं समावेशी बनाना रहा। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च शिक्षा के उपयुक्त विकल्पों की जानकारी प्राप्त हुई।





















