उत्तराखण्ड
गांधी-शास्त्री जयंती पर लोकभवन में महान विभूतियों को श्रद्धांजलि



सत्य, सादगी, सेवा और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान
देहरादून, 2 अक्टूबर 2026।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर लोकभवन में दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया गया।
महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाकर देश को स्वतंत्रता के मार्ग पर अग्रसर किया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी सादगी, दृढ़ता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से सार्वजनिक जीवन में उच्च आदर्श स्थापित किए। दोनों महापुरुषों का जीवन यह संदेश देता है कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े संकल्पों से नहीं, बल्कि अपने दायित्वों को ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने से होता है।
इस अवसर पर कहा गया कि गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश तथा शास्त्री जी की सादगी, दृढ़ता और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी समाज और देश का मार्गदर्शन करते हैं। उनके विचारों को केवल जयंती समारोहों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपने आचरण और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
गांधी-शास्त्री जयंती पर सेवा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र-प्रथम की भावना को अपनाते हुए सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक से अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
जय जवान, जय किसान। जय हिंद।

















