उत्तराखण्ड
अवैध और अपंजीकृत क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, सीएमओ ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश


नैनीताल, 7 अक्टूबर 2026। जनपद नैनीताल में बिना वैध पंजीकरण और निर्धारित चिकित्सकीय योग्यता के संचालित हो रहे क्लीनिकों एवं झोलाछाप चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने जिले के सभी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को ऐसे संस्थानों को चिन्हित कर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में किसी भी चिकित्सा संस्थान का संचालन उत्तराखंड चिकित्सा स्थापना (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप ही किया जाना अनिवार्य है। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले पंजीकृत चिकित्सा संस्थानों में मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धति की निर्धारित योग्यता रखने वाले चिकित्सकों द्वारा ही मरीजों को उपचार दिया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में बिना पंजीकरण अथवा निर्धारित चिकित्सकीय योग्यता के संचालित हो रहे क्लीनिकों और झोलाछाप संस्थानों की पहचान की जाए। इसके लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के बाद ऐसे अवैध संस्थानों को बंद कराया जाए और उनकी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि संबंधित संचालक दोबारा अवैध रूप से चिकित्सा सेवाओं का संचालन न कर सकें।
उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रथम अपराध में ₹50 हजार तक, द्वितीय अपराध में ₹2 लाख तक तथा तृतीय अथवा subsequent अपराध में ₹5 लाख तक के दंड का प्रावधान है। ऐसे मामलों में नियमानुसार अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्रों में अवैध एवं अपंजीकृत चिकित्सा संस्थानों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की विस्तृत सूचना अनिवार्य रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
सीएमओ की आमजन से अपील
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने आमजन से अपील की है कि किसी भी चिकित्सक से उपचार कराने से पहले उसकी वैध चिकित्सकीय योग्यता और क्लीनिक के पंजीकरण की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने लोगों से कहा कि यदि उनके क्षेत्र में कोई संदिग्ध, अपंजीकृत अथवा झोलाछाप क्लीनिक संचालित हो रहा है तो इसकी सूचना निकटतम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को दें, ताकि समय रहते नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जनपद नैनीताल





















