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उत्तराखण्ड

अल्पसंख्यक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता: डॉ. गांधी

मदरसों में कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास पर जोर, छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ हर पात्र विद्यार्थी तक पहुंचाने के निर्देश

हल्द्वानी, 24 अक्टूबर। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक शिक्षा, कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास की सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर दिए जाने चाहिए।

शनिवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में डॉ. सुरजीत सिंह गांधी की अध्यक्षता में जनपद नैनीताल के अल्पसंख्यक बच्चों की उच्च शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मदरसों के प्रबंधक, धर्मगुरु, उलेमा, मौलाना और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

डॉ. गांधी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति, बालिकाओं के लिए बेगम हजरत महल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति तथा मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी प्रोत्साहन योजना सहित लागू योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग, करियर काउंसलिंग और शैक्षिक मार्गदर्शन की सुविधाओं से जोड़ना आवश्यक है। मदरसों में पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देकर बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

मदरसों की समस्याओं पर हुई चर्चा

बैठक में मदरसा प्रतिनिधियों एवं धर्मगुरुओं ने भवन, पेयजल, शौचालय, शिक्षकों की उपलब्धता, बुनियादी सुविधाओं और मान्यता से संबंधित समस्याएं उठाईं। डॉ. गांधी ने संबंधित समस्याओं पर विचार-विमर्श करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी को निर्देश दिए कि मदरसों में शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता और आधारभूत सुविधाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए। साथ ही पात्र विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी पात्र छात्र-छात्रा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से आए ओबीसी आयोग के सदस्यों एवं प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे और मदरसों में आधुनिक तथा तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर मदरसा हल्द्वानी से फसाहत, मोईन एवं इसातुल हक, एसएस वास्ती, दारुल उलूम ओबेसिया रामनगर से कुतबे आलम एवं जावेद सहित मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी, जिला समाज कल्याण अधिकारी विश्वनाथ गौतम, सहायक समाज कल्याण अधिकारी जसविंदर सिंह, वरिष्ठ सहायक अनुप भंडारी तथा विभिन्न मदरसों के धर्मगुरु, उलेमा, प्रबंधक और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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