उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विविध कार्यक्रमों का शुभारम्भ



कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्रोफेसर रेनू प्रकाश ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणाशक्ति रहा है और आज भी यह देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता तथा मातृभूमि के प्रति समर्पण का सशक्त प्रतीक है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के निदेशक अकादमिक प्रो. पी.डी. पंत ने राष्ट्रप्रेम, भारतीय संस्कृति तथा राष्ट्रीय मूल्यों की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से राष्ट्रीय मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ केवल एक राष्ट्रीय गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना, त्याग, आत्मगौरव और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वन्दे मातरम्’ की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय परिवार से राष्ट्रहित एवं राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना की भावना को और अधिक मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालय के आगामी कार्यक्रमों में देशभक्ति गीतों तथा राष्ट्रीय मूल्यों से संबंधित गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव डॉ. खेम राज भट्ट ने अतिथियों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 150 से अधिक शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
68 प्रतिभागियों ने लिया सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में हिस्सा
कार्यक्रम के उपरांत विश्वविद्यालय के योग विभाग द्वारा ‘वन्दे मातरम्’ विषयक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 68 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय गीत के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक करना रहा।
विश्वविद्यालय द्वारा ‘वन्दे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम श्रृंखला 7 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक चलेगी। इस दौरान विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
श्रृंखला के अंतर्गत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता, गायन प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न निदेशकगण, प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी, कुलसचिव डॉ. भानू जोशी, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. नीता देबोलिया, दीक्षा बिष्ट, डॉ. गोपाल सिंह गौनिया, डॉ. नमिता वर्मा, डॉ. किशोर कुमार, श्रीमती शैलजा सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।



