उत्तराखण्ड
महापौर गजराज सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड की बैठक सम्पन्न, 16 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित




बैठक शुरू होने से पहले उत्तराखण्ड सरकार द्वारा मनोनीत आठ पार्षदों को महापौर ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने नवनियुक्त पार्षदों का स्वागत करते हुए नगर हित और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
महापौर ने बताया कि यूजर चार्ज संग्रहण के लिए शुरू किया गया मोबाइल ऐप नगर निगम की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाएगा तथा नागरिकों को डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराएगा।
बैठक में महापौर की ओर से 12 तथा पार्षदों की ओर से 4 जनहित प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। सभी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई। इनमें नगर निगम की किरायेदारी दुकानों के किराए में 50 प्रतिशत वृद्धि, 31 अक्टूबर 2026 तक किराया जमा करने पर छूट, नगर क्षेत्र में 200 विद्युत पोल एवं तार लगाने, सफाई व्यवस्था के लिए नए वाहन, ट्रैक्टर और टैंकर खरीदने, निगम मुख्यालय के विस्तार एवं सिंगल विंडो व्यवस्था विकसित करने, सुभाष नगर स्थित भवन में क्षेत्रीय कार्यालय खोलने पर विचार, महापुरुषों की प्रतिमाओं के लिए भूमि चयन, 50 टीपीडी फ्रेश वेस्ट प्लांट से जुड़े अवशेष भुगतान, गंगापुर कबड़वाल गोशाला में बायोगैस प्लांट एवं मृत गोवंश के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए इंसिनरेटर लगाने, एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के अंतर्गत उपविधियां बनाने, ट्यूबवेल निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध कराने तथा आरोग्य मंदिर के अनुबंध पर विचार जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त पार्षदों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर वाटर कूलर लगाने, यूयूएसडीए के सड़क निर्माण कार्यों के साथ नालियों का निर्माण अनिवार्य करने तथा आवासीय क्षेत्रों में संचालित कबाड़ की दुकानों को हटाने एवं भविष्य में ऐसी दुकानों के संचालन पर रोक लगाने के प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए। साथ ही पूर्व में कराए गए कार्यों को कार्योत्तर स्वीकृति भी बोर्ड द्वारा प्रदान की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि नगर निगम का प्रत्येक निर्णय जनता की सुविधा, पारदर्शिता और विकास को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पारित सभी प्रस्ताव शहर के सुनियोजित विकास, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा और सामूहिक प्रयासों से हल्द्वानी-काठगोदाम को प्रदेश के सबसे स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक नगरों में शामिल किया जाएगा।
बैठक में नगर आयुक्त परितोष वर्मा, वित्त अधिकारी स्मिता जोशी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी टोलिया, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी तथा सभी पार्षद उपस्थित रहे। अंत में महापौर ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए नगर हित में सर्वसम्मति से निर्णय लेने की परंपरा को आगे भी जारी रखने की बात कही।



