उत्तराखण्ड
कानपुर की घटना से सिख समाज में रोष, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग : हल्द्वानी सिख फेडरेशन
हल्द्वानी
हल्द्वानी सिख फेडरेशन के पदाधिकारियों ने जारी बयान में कहा कि सिख धर्म मानवता, सेवा, भाईचारे और “सर्बत दा भला” का संदेश देता है। ऐसे धर्म के सर्वोच्च गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रति किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी या किसी सिख की धार्मिक पहचान, विशेषकर पगड़ी का अपमान, पूरे सिख समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता और लोकतांत्रिक परंपराओं में सभी धर्मों और आस्थाओं का समान सम्मान किया जाना चाहिए।
फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित जांच कराई जाए। घटना में शामिल सभी दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में यह स्पष्ट संदेश जाए कि किसी भी धर्म, धर्मगुरु या नागरिक के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
फेडरेशन ने कहा कि किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ हिंसा और किसी भी धर्मगुरु के प्रति अपमानजनक व्यवहार सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। न्याय निष्पक्ष और समयबद्ध होना चाहिए, जिससे पीड़ित को न्याय मिल सके और समाज का कानून पर विश्वास बना रहे।
हल्द्वानी सिख फेडरेशन ने सभी नागरिकों से शांति, संयम और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का माध्यम नहीं बनने देना चाहिए। फेडरेशन ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करेगा तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।



