उत्तराखण्ड
हल्द्वानी संभाग में परिवहन विभाग का बड़ा चेकिंग अभियान, 967 वाहनों के चालान, 113 वाहन सीज




परिवहन विभाग के अनुसार यह विशेष अभियान हल्द्वानी संभाग के अंतर्गत आने वाले हल्द्वानी, रामनगर, रुद्रपुर, काशीपुर और टनकपुर उपसंभागों में एक साथ संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाना था, जिनमें निर्धारित मानकों के विपरीत ब्लैक फिल्म, अनधिकृत अथवा मॉडिफाइड लाइट, हूटर या अन्य बदलाव किए गए हैं। इसके साथ ही फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस तथा ओवरलोडिंग जैसे मामलों में भी सघन जांच की गई।
ब्लैक फिल्म और अनधिकृत लाइट पर विशेष नजर
विशेष अभियान के दौरान वाहन चालकों द्वारा नियमों के विपरीत किए गए बदलावों पर विशेष रूप से निगरानी रखी गई। ब्लैक फिल्म लगाने वाले 111 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं अनाधिकृत लाइट लगाने वाले 163 वाहनों का चालान किया गया। वाहनों में नियमों के विपरीत अल्टरेशन किए जाने के 20 मामलों में भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
इसके अलावा वाहनों में अनधिकृत हूटर लगाने के 4 मामलों में भी कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि वाहनों में निर्धारित मानकों के विपरीत किए जाने वाले बदलाव सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जाएगी।
फिटनेस, परमिट और इंश्योरेंस की भी हुई जांच
अभियान के दौरान केवल यातायात नियमों तक कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि वाहनों के आवश्यक दस्तावेजों और वैधता की भी जांच की गई। फिटनेस प्रस्तुत नहीं करने वाले 65 वाहनों, परमिट संबंधी उल्लंघन में 40 वाहनों, इंश्योरेंस नहीं होने पर 88 वाहनों तथा वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होने पर 69 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी मामलों में 132 वाहनों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग की टीमों ने वाहन चालकों से आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखने और वाहन को सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने की अपील भी की।
बिना हेलमेट और सीट बेल्ट पर भी कार्रवाई
सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए गए अभियान में वाहन चालकों द्वारा हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग की भी जांच की गई। अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने के 286 मामलों में कार्रवाई की गई। वहीं सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करने पर 47 वाहनों के विरुद्ध चालान किया गया।
परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने तथा चारपहिया वाहनों में चालक एवं यात्रियों द्वारा सीट बेल्ट का प्रयोग करने की अपील की है।
ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर भी सख्ती
अभियान के दौरान ओवरलोडिंग के खिलाफ भी परिवहन विभाग ने कार्रवाई की। यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग के 28 मामलों तथा भारवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के 49 मामलों में कार्रवाई की गई। विभाग ने कहा कि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बन सकती है और इससे वाहन की नियंत्रण क्षमता प्रभावित होने के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी खतरा पैदा होता है।
इसके अलावा विभिन्न अन्य यातायात एवं परिवहन नियमों के उल्लंघन के 512 मामलों में भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
पांचों उपसंभागों में चला अभियान
विशेष चेकिंग अभियान को प्रभावी बनाने के लिए हल्द्वानी संभाग के सभी प्रमुख उपसंभागों में परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों को लगाया गया था।
हल्द्वानी में परिवहन कर अधिकारी पवन कुमार, जगदीश चंद्र और गोविंद के नेतृत्व में अभियान संचालित किया गया।
रामनगर उपसंभाग में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) पंकज श्रीवास्तव ने चेकिंग अभियान का संचालन किया।
काशीपुर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) संदीप वर्मा तथा परिवहन कर अधिकारी नंदन आर्य, सचिन कुमार और अनिल कुमार द्वारा वाहनों की जांच की गई।
रुद्रपुर उपसंभाग में परिवहन कर अधिकारी मुकुल अग्रवाल, सुनेजा, तारकेंद्र वैष्णव और आशुतोष डिमरी ने प्रवर्तन कार्रवाई की। वहीं टनकपुर उपसंभाग में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मनोज बागोरिया तथा परिवहन कर अधिकारी प्रमोद चौधरी के नेतृत्व में अभियान चलाया गया।
आगे भी जारी रहेगा प्रवर्तन अभियान
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन, हल्द्वानी संभाग डा. गुरदेव सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा लगातार प्रवर्तन अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों में अनधिकृत बदलाव, ब्लैक फिल्म, अनाधिकृत लाइट और हूटर के साथ-साथ फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट, सीट बेल्ट और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में भी विभाग की कार्रवाई आगे जारी रहेगी।
उन्होंने वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखें और सड़क पर वाहन चलाते समय सभी यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।



