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उत्तराखण्ड

सीजनल इन्फ्लूएंजा को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सीएमओ ने वर्चुअल बैठक कर दिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

हल्द्वानी, 27 अगस्त 2026। सीजनल इन्फ्लूएंजा (H1N1) एवं अन्य श्वसन तंत्र संबंधी रोगों की रोकथाम और प्रभावी उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद नैनीताल डॉ. रश्मि पंत की अध्यक्षता में शिविर कार्यालय हल्द्वानी से वर्चुअल माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, बेस चिकित्सालय हल्द्वानी, बी.डी. पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल, संयुक्त चिकित्सालय रामनगर सहित जनपद के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रमुख अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देश दिए कि सीजनल इन्फ्लूएंजा एवं H1N1 के संभावित मामलों को देखते हुए चिकित्सालयों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित रखी जाएं। उन्होंने पर्याप्त संख्या में बेड आरक्षित रखने के साथ ही ऑक्सीजन, आवश्यक उपकरण, जांच सुविधाओं और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा। साथ ही आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय स्टाफ को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि श्वसन संबंधी संक्रमण के मामलों में समय पर पहचान और उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी चिकित्सा अधिकारियों को संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग एवं निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा गंभीर लक्षण वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र पर रेफर करने के निर्देश दिए गए।

डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि सीजनल इन्फ्लूएंजा को लेकर घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बीमारी के बढ़ने से पहले ही सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पूरी तरह तैयार रखना है। उन्होंने कहा कि जनपद के प्रत्येक अस्पताल में पर्याप्त बेड, आवश्यक दवाएं, ऑक्सीजन एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए।

उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे इन्फ्लूएंजा के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी अथवा अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण होने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि सावधानी, समय पर जांच और उचित उपचार ही इन्फ्लूएंजा से बचाव का प्रभावी माध्यम है।

बैठक में डॉ. रजत भट्ट, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. मनोज कांडपाल, जिला सर्विलांस अधिकारी, डॉ. रेनू सूठा सहित संबंधित चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग

जनपद नैनीताल

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