उत्तराखण्ड
सीजनल इन्फ्लूएंजा एवं श्वसन रोगों की रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

सीएमओ ने स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं, ऑक्सीजन एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश
नैनीताल 25 अगस्त 2026। मौसम में बदलाव के साथ सीजनल इन्फ्लूएंजा (मौसमी फ्लू) एवं श्वसन तंत्र संबंधी रोगों के संभावित बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय, राजकीय मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा संभावित मरीजों के उपचार एवं निगरानी के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी व्यवस्था, आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता, ऑक्सीजन तथा अन्य जरूरी संसाधनों की नियमित समीक्षा की जाए। श्वसन संबंधी लक्षणों वाले मरीजों की समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के साथ ही गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जाए।
मौसमी बुखार में क्या करें और क्या न करें
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मौसम बदलने के दौरान बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, बदन दर्द अथवा सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों को हल्के में न लें। बुखार होने पर पर्याप्त आराम करें, पानी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही दवा लें।
उन्होंने कहा कि खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को रुमाल अथवा टिश्यू से ढकें तथा हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। घर में किसी व्यक्ति में श्वसन संबंधी संक्रमण के लक्षण हों तो विशेषकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों एवं अन्य संवेदनशील व्यक्तियों के संपर्क में सावधानी बरतें।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें और बुखार को नजरअंदाज करते हुए स्वयं उपचार करने से बचें। यदि तेज बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में कठिनाई हो, सीने में दर्द हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो अथवा मरीज की स्थिति बिगड़ती दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए।
डॉ. पंत ने कहा, “मौसमी बुखार और श्वसन संबंधी संक्रमण से घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं करनी चाहिए। समय पर पहचान, उचित उपचार और संक्रमण से बचाव के उपाय ही सबसे प्रभावी सुरक्षा हैं। हमारा प्रयास है कि जिले के प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में मरीजों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।”
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सा संस्थानों को जनजागरूकता के साथ निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि सीजनल इन्फ्लूएंजा एवं अन्य श्वसन रोगों के मामलों की समय पर पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जनहित में अपील
सावधानी रखें, स्वच्छता अपनाएं, लक्षणों को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जनपद नैनीताल

















