उत्तराखण्ड
यात्राः दुःख से आनन्द की ओर’ पुस्तक का लोक भवन में लोकार्पण




देहरादून। लोक भवन में वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट एवं लेखक डॉ. कृष्ण अवतार की पुस्तक ‘यात्राः दुःख से आनन्द की ओर’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर जीवन में सुख-दुःख, आत्मबोध और सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर विचार व्यक्त किए गए।
पुस्तक के संबंध में कहा गया कि सुख और दुःख केवल परिस्थितियों में नहीं, बल्कि उन्हें देखने के हमारे दृष्टिकोण में भी निहित होते हैं। जीवन की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा बाहरी दुनिया की नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर की यात्रा है। जब व्यक्ति स्वयं को समझना, अपनी क्षमताओं और आत्म-मूल्य को पहचानना शुरू करता है, तब कठिन परिस्थितियों में भी आशा की किरण दिखाई देने लगती है।
डॉ. कृष्ण अवतार ने तीन दशकों से अधिक समय तक चिकित्सक के रूप में लोगों की पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने अपने चिकित्सा-विज्ञान के अनुभवों, आध्यात्मिक चिंतन और जीवन के अनुभवों को पुस्तक में समाहित किया है।
विश्वास व्यक्त किया गया कि ‘यात्राः दुःख से आनन्द की ओर’ बीमारी, असफलता, अकेलेपन अथवा गहरे दुःख से गुजर रहे लोगों को मानसिक रूप से संभलने, स्वयं को समझने तथा जीवन में दोबारा आनंद और विश्वास तलाशने की प्रेरणा देगी। पुस्तक पाठकों को विपरीत परिस्थितियों के बीच सकारात्मक सोच और आत्मबल के साथ आगे बढ़ने का संदेश देती है।

















