उत्तराखण्ड
ज्ञान की पहुंच जितनी व्यापक होगी, विकास के अवसर उतने ही व्यापक होंगे: लोक भवन में ‘मुक्त ज्ञान कोष’ का लोकार्पण





देहरादून, 25 अगस्त। ज्ञान को समाज की शक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने की दिशा में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘मुक्त ज्ञान कोष’ का आज लोक भवन में लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर कहा गया कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में भौगोलिक दूरी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ज्ञान तक पहुंच में चुनौती बनती है। ऐसे में डिजिटल माध्यम से अध्ययन सामग्री और ज्ञान को गांव-गांव तथा घर-घर तक पहुंचाना समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
‘मुक्त ज्ञान कोष’ विद्यार्थियों, युवाओं, शोधार्थियों और आम नागरिकों के लिए ज्ञान तक आसान पहुंच का प्रभावी डिजिटल माध्यम बन सकता है। इससे शिक्षा के साथ-साथ शोध, नवाचार और नई तकनीकों के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया गया कि वे ज्ञान और तकनीक का उपयोग केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रखते हुए सीखने, नवाचार तथा समाज की समस्याओं के समाधान के लिए करें। ज्ञान दिशा दिखाता है, तकनीक गति देती है और संस्कार उस यात्रा को सार्थक बनाते हैं।
यह पहल डिजिटल शिक्षा को विस्तार देने के साथ ही ‘विकसित उत्तराखण्ड’ के लक्ष्य को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

















