उत्तराखण्ड
आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर हल्द्वानी में युवा शक्ति का दिखा उत्साह



पांच स्थानों पर आयोजित युवा महोत्सव में सैकड़ों युवाओं ने किया प्रतिभाग, खेल गतिविधियों ने बढ़ाया उत्साह
हल्द्वानी, 14 सितंबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत सोमवार को हल्द्वानी महानगर के चार उपनगरों के साथ ही बिंदुखत्ता और सूर्यादेवी खंड में युवा महोत्सव आयोजित किए गए। विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं सहित सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
महाराणा प्रताप उपनगर में आयोजित युवा महोत्सव के मुख्य वक्ता प्रांत संघचालक डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा समाज हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत होना आवश्यक है।
केशव उपनगर में मुख्य वक्ता सूरज ने युवाओं को व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और प्रतिभा के माध्यम से युवा समाज में रचनात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों से जुड़कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
महादेव उपनगर में डॉ. नंदन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने युवाओं से संस्कार, अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जागरूक और जिम्मेदार युवा ही समाज एवं राष्ट्र को सशक्त दिशा दे सकते हैं।
बिंदुखत्ता खंड में नैनीताल विभाग के विभाग प्रचारक डॉ. नरेंद्र ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश की प्रगति में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्यों को भी समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी क्षमता का सकारात्मक उपयोग करते हुए सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
वहीं सूर्यादेवी खंड में हल्द्वानी के जिला प्रचारक जितेंद्र ने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से आसपास की सामाजिक चुनौतियों को समझने और उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभाव को जीवन में अपनाकर युवा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।
युवा महोत्सव के दौरान विभिन्न खेल गतिविधियां भी आयोजित की गईं। खेलों में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम स्थलों पर उत्साह एवं ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।
आयोजकों के अनुसार, आरएसएस के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र, समाज, संस्कृति, सेवा और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
— डॉ. नवीन शर्मा, नगर प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हल्द्वानी

















