उत्तराखण्ड
अंकिता भंडारी केस के अधिवक्ता को धमकी, ‘पहले एक्सीडेंट फिर हमला’ वाले खत से हड़कंप

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता नवनीश नेगी को कथित तौर पर धमकी भरा पत्र मिलने से अधिवक्ताओं में रोष फैल गया है। पत्र में पहले दुर्घटना कराने और उसके बाद हमला किए जाने की धमकी दिए जाने का दावा किया गया है। घटना के बाद अधिवक्ताओं ने सरकार से अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग तेज कर दी है।
अधिवक्ता नवनीश नेगी ने बताया कि उन्हें प्राप्त हुआ पत्र कई भाषाओं में लिखा गया है। पत्र का गूगल लेंस के माध्यम से अनुवाद कराने पर उसकी भाषा बेहद धमकीपूर्ण सामने आई। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र और लिफाफा पुलिस को सौंप दिया है तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही बार एसोसिएशन को भी मामले से अवगत कराया गया है।
नवनीश नेगी चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित कई महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में उन्हें धमकी भरा पत्र मिलने को अधिवक्ताओं ने गंभीर मामला बताया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि किसी अधिवक्ता को इस प्रकार धमकियां मिलती हैं तो इसका सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया और निर्भीक होकर पैरवी करने के अधिकार पर पड़ सकता है।
पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह पाल, वरिष्ठ अधिवक्ता एम.सी. पंत सहित अन्य अधिवक्ताओं ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को धमकाकर न्याय की लड़ाई को प्रभावित करने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर धमकी देने वाले व्यक्ति या लोगों का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि देश के कई राज्यों में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए कानून लागू किया जा चुका है। ऐसे में उत्तराखंड में भी अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाना जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसी मानसून सत्र में अधिवक्ता सुरक्षा कानून लाकर अधिवक्ताओं को कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाए।

















