उत्तराखण्ड
12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को उत्तराखंड में व्यापक समर्थन,,
हल्द्वानी भोजनमाताओं ने एसडीएम कोर्ट में एकत्र होकर अपनी समस्याओं के समाधान हेतु उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। एसडीएम कोर्ट से जुलूस निकालते हुए बुद्ध पार्क पहुंचकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया गया।
भोजनमाताओं की प्रमुख शिकायतेंभोजनमाताएं वर्षों से अत्यंत कम मानदेय पर कार्यरत हैं। स्कूल खुलने से बंद होने तक सभी कार्य, लकड़ी पर खाना बनाना, बर्तन धोना, सफाई और बच्चों की देखभाल जैसे अतिरिक्त दायित्व निभाती हैं। फिर भी नियमित कर्मचारी दर्जा या सम्मानजनक वेतन नहीं मिला। कार्यस्थल पर उत्पीड़न, भुगतान में देरी, सामाजिक सुरक्षा का अभाव ने उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर किया।
हड़ताल की मुख्य मांगेंघोषित मानदेय तत्काल लागू हो।नियमित/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा प्रदान हो।उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई हो; सामाजिक सुरक्षा लाभ मिले।अतिरिक्त कार्य बंद हों; न्यूनतम वेतन लागू हो।अक्षय पात्र फाउंडेशन के खाने पर रोक लगे।स्कूल धुंए मुक्त हों; विलय पर न निकाला जाए।बर्खास्त भोजनमाताओं को पुनः कार्य मिले।
भागीदारी और चेतावनीचंपा गिनवाल, हेमा तिवारी, पुष्पा कुड़ाई, ममता, भावना, रजनी, दीपा उप्रेती, हंसी, पुष्पा विष्ट, कमला जोशी सहित सैकड़ों ने भाग लिया। सर्वोदय मंडल (इस्लाम हुसैन), पछास (चंदन), क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन (मुकेश), एक्टू (के.के. बोरा), मानव अधिकार संगठन (यतिशपंत), भिम आर्मी (नफीस अहमद, जी.आर. टम्टाजी), आशा वर्कर रजनी जोशी ने समर्थन दिया। मांगें न मानी गईं तो आंदोलन उग्र होगा। प्रगतिशील भोजनमाता संगठन उत्तराखंड नैनीताल: 9758210962।
























