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उत्तराखण्ड

एसआईटी ने धोखाधड़ी मामले में धनंजय गिरी की संपत्तियों पर की जब्ती-सिफारिश,,

 

:पुलिस ने धारा 107 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत रोक व जब्ती की मांग करते हुए गिरफ्तारी व जांच तेज करने के निर्देश दिए

नैनीताल/हल्द्वानी, 02 मई 2026 — महानिरीक्षक, परिक्षेत्र कुमायूँ, नैनीताल के कार्यालय द्वारा जिलाधिकारी नैनीताल को प्रेषित प्रेस नोट के अनुसार हल्द्वानी निवासी धनंजय गिरी (पुत्र श्री जटा शंकर गिरी) पर आम नागरिकों के साथ ठगी कर करोड़ों रुपये उगाही करने के गंभीर आरोप हैं। मामले की गहन जांच हेतु पुलिस अधीक्षक (अपराध एवं यातायात), उधमसिंहनगर की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है और एसआईटी ने आरोपी की कई परिसंपत्तियों को अपराध से प्राप्त आय माना है, जिन पर जब्ती की सिफारिश की है।

एसआईटी ने दिनांक 07.05.2026 को अपनी रिपोर्ट (पत्र सं. एसपी-क्राइम-01/2026) में कहा है कि धनंजय गिरी के विरुद्ध हल्द्वानी, काठगोदाम व लालकुआं थानों में पहले से दर्ज कई धोखाधड़ी व अन्य अपराधों के मामले हैं। कुछ मामलों में आरोप-पत्र भी न्यायालय को भेजे जा चुके हैं।

रिकार्ड में प्रकरण सं. 413/2018, 138/2019, 59/2023, 167/2023 (हल्द्वानी), 61/2023 (काठगोदाम), 04/2020 (लालकुआं) सहित कई प्राथमिकी दर्ज हैं, जिनमें मुख्यतः धारा 420 भादवि सम्मिलित है।

एसआईटी ने प्रारम्भिक जांच में पाया कि आरोपी के नाम पर दामूवदूंगा, बमौरी  मल्ली, कमलुयागाजा गौड़ व अन्य ग्रामों में कई छोटे कृषि भूखंड और अन्य संपत्तियाँ हैं, जो अपराध से प्राप्त आय से अर्जित प्रतीत होती हैं। पुलिस ने इन संपत्तियों को धारा 107 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत जब्त कर पीड़ितों के बीच समानुपात (Rateably) वितरित कराने की प्रक्रिया आरम्भ करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, संपत्तियों के किसी भी प्रकार के हस्तांतरण/बिक्री पर रोक लगाने हेतु सम्बंधित कार्यालयों व अधिकारियों को निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है। यदि प्रशासन द्वारा रोक व जब्ती का आदेश जारी होता है तो संबंधित संपत्तियों का रजिस्ट्रीकरण व बिक्री फिलहाल ठहर जाएगी और अदालत/कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप पीड़ितों को निवारण दिलाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

एसआईटी आगे बैंक लेन-देन, रजिस्ट्री दस्तावेज व शिकायतों की गहन विवेचना कर सकती है तथा आवश्यकतानुसार और अभियोगों के विस्तार या अतिरिक्त गिरफ्तारी की सिफारिश कर सकती है।  पुलिस महानिरीक्षक, कुमायूँ परिक्षेत्र, नैनीताल की ओर से जिलाधिकारी, नैनीताल को भेजा गया है। प्रतिलिपि अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध व कानून व्यवस्था), उत्तराखण्ड तथा आयुक्त, कुमायूँ मंडल को सूचनार्थ प्रेषित की गई है  सभी पुलिस ने एसआईटी अध्यक्ष को सम्बन्धित थानों व विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

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