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उत्तराखण्ड

मजदूर-किसानों की मेहनत की लूट चाहती है मोदी सरकार,

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रुद्रपुर,,4 लेबर कोड और बिजली संशोधन बिल के खिलाफ 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल करेंगे मजदूर-किसानउधमसिंहनगर में कानून की बिगड़ी स्थिति के लिए धामी सरकार का जिले के प्रति लापरवाही का व्यवहार जिम्मेदारकिसान सुखवंत की आत्महत्या में नामजद पुलिस अधिकारी एसएसपी के नामजद होने के बावजूद पद से न हटाया जाना इसका पुख्ता प्रमाण है। जिले में अपराधी बेखौफ क्यों हैं? इसका जवाब सरकार को देना होगा।आज यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से गल्ला मंडी बाजार, रुद्रपुर में आयोजित मजदूर-किसान संगठनों के कन्वेंशन में पारित किया गया। इस कन्वेंशन का आयोजन मजदूर यूनियन ऐक्टू की जिला इकाई ने किया।कन्वेंशन को संबोधित करते हुए ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड के.के. बोरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए मजदूर-किसान की मेहनत को लूटतंत्र की मनमर्जी पर सौंप दिया है। मजदूरों को 8 घंटे से ज्यादा काम के लिए विवश करने का प्रावधान लेबर कोड में कर दिया गया है, तो दूसरी ओर किसानों के बीज के परंपरागत अधिकार छीनने को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नियंत्रण के लिए बीज विधेयक 2025 ला दिया है। इस नए बिल के चलते किसान जीएम बीजों की हर साल खरीद के लिए मजबूर किए जा रहे हैं। किसान-मजदूरों की उत्पादक क्षमता को लूटने के खिलाफ संघर्ष तेज हो रहा है। इसी क्रम में संयुक्त किसान मोर्चा और देश की सभी मजदूर यूनियन मिलकर 12 फरवरी 2026 को अखिल भारतीय हड़ताल में उतर रही हैं।भाकपा माले के जिला सचिव कॉमरेड ललित मटियाली ने कहा कि उधमसिंहनगर जिले में मजदूर कानूनों का सम्मानजनक बर्ताव राज्य सरकार नहीं कर रही है। किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या सरकारी मशीनरी के भ्रष्टाचार, शासन-प्रशासन और भू-माफियाओं के गठजोड़ का खुलासा कर चुकी है। जिले में हत्याओं व अपराधों का ग्राफ चरम सीमा पर पहुंच गया है। कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है, मगर राज्य सरकार अपने चहेते एसएसपी को पद से हटाने को तैयार नहीं है।इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर सचिव कॉमरेड दिनेश चंद्र ने कहा कि 4 लेबर कोड लागू होने से मजदूरों के हक छीन लिए जाएंगे। ऐसे में मजदूरों के आक्रोश को इस फासीवादी भाजपा सरकार को झेलना पड़ेगा। समय रहते राज्य के श्रमिकों, खासकर औद्योगिक मजदूरों के हितों पर 4 लेबर कोड के हमले को अगर सरकार ने रोका नहीं, तो व्यापक आंदोलन करेंगे। लेबर कोड के आधार पर यूनियनों का रजिस्ट्रेशन रोककर राज्य सरकार ने पहले ही यूनियन बनाने के अधिकार पर हमला कर दिया है। इसका जवाब मजदूर और यूनियन हड़ताल में उतरकर देंगी।कन्वेंशन को संबोधित करते हुए श्रमिक संयुक्त मोर्चा के महामंत्री चंद्रमोहन लखेड़ा ने कहा कि इंडस्ट्री में न्यूनतम वेतन को तत्काल बढ़ाए जाने की जरूरत है। ऑटो प्रोडक्शन इंडस्ट्री के मजदूरों का वेज बोर्ड राज्य गठन के 25 साल बाद भी नहीं बना है। 2024 की न्यूनतम वेतन वृद्धि की अधिसूचना को लागू करने के लिए सरकार गंभीर नहीं दिखती। सरकार चाहती तो स्टे के विरुद्ध अपील कर सकती थी।सीएसटीयू के महेंद्र सिंह ने कहा कि सिडकुल की सभी यूनियन इस बार पूरे जुझारू तेवर के साथ हड़ताल में उतरेंगी और इसकी तैयारी के लिए सभी अपने-अपने स्तर पर पूरी ताकत झोंकेंगे।उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार आशा, आंगनबाड़ी, भोजनमाता सहित सभी महिला कामगारों का शोषण कर रही है। उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा। आशाओं पर रोज नए-नए काम सौंपकर उनका श्रम शोषित किया जा रहा है।किसान नेता जागीर सिंह ने कहा कि ग्रामीण मजदूरों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी कानून को केंद्र ने रद्द कर नया कानून बना दिया है। मनरेगा को वीबी ग्राम जी से प्रतिस्थापित कर केंद्र की भाजपा सरकार ने ग्रामीणों की रोजगार की कानूनी गारंटी छीन ली है। अब नया कानून अधिकार से नहीं, बल्कि सरकारी आदेश के अधीन हो गया है। केंद्र भाजपा सरकार ग्रामीणों विरोधी साबित हुई है। उन्होंने नए वीबी ग्राम जी को रद्द करने तथा मनरेगा को पुनः शुरू करने की मांग उठाई। साथ ही बिजली संशोधन बिल रद्द करने और स्मार्ट मीटर की बाध्यता हटाने की मांग की।मजदूर नेताओं ने एलआईसी में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश का विरोध किया तथा भारत के परमाणु क्षेत्र में विदेशी निजी कंपनियों को घुसने की इजाजत देने वाले शांति एक्ट 2025 को रद्द करने की मांग की।ऐक्टू जिला सचिव कॉमरेड अनीता अन्ना के संचालन में संपन्न इस कन्वेंशन को विभिन्न मजदूर-किसान नेताओं ने संबोधित किया। कन्वेंशन ने सर्वसम्मति से जिले में हड़ताल को सफल बनाने और ऊपर उल्लिखित प्रस्तावों को स्वीकार कर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। कन्वेंशन में मनोज सिंह, साहेब सिंह, गोविंद सिंह, उत्तम दास, रंजन विश्वास, सुधा गोस्वामी, बबीता कश्यप, गीता, अरविंद मंडल सहित अन्य ट्रेड यूनियन के साथी मौजूद थे।अनीता अन्ना जिला सचिव, ऐक्टू उधमसिंहनगर

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