उत्तराखण्ड
प्रीपेड मीटर योजना वापस लेने को लेकर माले ने दिया मुख्यमंत्री को ज्ञापन,,
रुद्रपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(माले) ने आज प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने व यूपीसीएल के निजीकरण को रोकने की मांग लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया।
इस दौरान भाकपा(माले) जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि धामी नेतृत्व की भाजपा सरकार ने यूपीसीएल का निजीकरण करते हुए पहले के स्मार्ट मीटर को बदलने का ठेका अडानी की कंपनी को दे दिया है। ये कदम यूपीसीएल के निजीकरण करने की कोशिश है। अडानी की कंपनी पुराने स्मार्ट मीटर को हटाकर नए प्रीपेड मीटर लगा रही है। जोकि मोबाइल सिम तकनीक पर आधारित है। जिसमें पहले बिल चुकाना होगा तब जाकर जनता बिजली का उपभोग कर पाएगी। यह योजना गरीब जनता के लिए आर्थिक रूप से बेहद खतरनाक है। प्रदेश की अधिकांश जनता न तो आर्थिक रूप से सक्षम है और ना ही तकनीकी रूप से। ऐसे में इस तरह की योजना लाना अडानी जैसे पूंजीपति को लाभ पहुंचाने के लिए ही बनी है। जब पूरा यूपीसीएल अडानी के हाथों होगा तो बिजली की दरें बेतहाशा बढ़ेंगी। बिहार में भाकपा(माले) के सर्वे में पता लगा कि जो बिल 30 दिन में सामान्य मीटर से आ रहा था, अब वही बिल लगभग 15 दिन में आ रहा है।
ललित मटियाली ने कहा कि जब इस योजना का विरोध हुआ तो सरकार ने जनता को भ्रम में डालने के लिए घोषणा कर दी कि प्रीपेड नहीं बल्कि पोस्टपेड योजना होगी। मोबाइल सिम आधारित मीटर को पोस्टपेड से कभी भी प्रीपेड में बदला जा सकता है। इसलिए सरकार भ्रम न फैलाए।
सरकार अपनी हर जनविरोधी नीति को जायज ठहराने के लिए पहले सरकारी विभागों से जुड़े हुए कर्मचारियों को ही निशाना बना रही है। इस योजना में भी पहले सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के घर पर मीटर लगा रही है।
ज्ञापन में मांग की गई कि जनहित को देखते हुए यूपीसीएल के निजीकरण की कोशिश और प्रीपेड मीटर लगाने की योजना पर तुरन्त रोक लगनी चाहिए।
इस दौरान अनिता अन्ना, कमलेश कार्की, अखिलेश सिंह, करण सिंह, विजय शर्मा, वीर सिंह। ललित मटियाली आदी कार्यकर्ता मौजूद थे।

