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उत्तराखण्ड

पारदर्शिता और निस्वार्थ सेवा की मिसाल,,

हल्द्वानी। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अनुसार, अमनदीप सिंह का कार्यकाल गुरुद्वारे के वित्तीय प्रबंधन में उच्च स्तर की पारदर्शिता का प्रतीक रहा। संगत ने उनकी निष्काम सेवा की प्रशंसा करते हुए सर्वसम्मति से उन्हें दोबारा पद सौंपा। प्रबंधन कमेटी ने बधाई देते हुए कहा, “गुरुद्वारा की सेवा हर कोई नहीं कर सकता। यह गुरु की कृपा से ही संभव होती है। अमनदीप सिंह ने एक मिसाल कायम की है, जहां स्थानीय संगत ने निर्विवाद रूप से सेवा का अवसर प्रदान किया।”यह चयन प्रक्रिया गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को दर्शाती है जिस पर गुटबाजी खत्म करने का संदेश दर्शाता हैं आज समाज कई गुटों में बट चुका इस दौरान कमेटी ने जोर दिया कि वे चुनावी राजनीति को गुरुघरों में प्रवेश नहीं होने देंगे, बल्कि निस्वार्थ सेवा और संगत की इच्छा को प्राथमिकता देंगे। इस अवसर पर विभिन्न जत्थे बंदियों ने अमनदीप सिंह को बधाई दी तथा उनके नेतृत्व में गुरुद्वारे के विकास की कामना की।गुरुद्वारा प्रबंधन की परंपराचार साहिबजादे गुरुद्वारा हल्द्वानी शहर का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां हर दो वर्ष में मुख्य सेवादार का चयन संगत की सहमति से किया जाता है। अमनदीप सिंह के नेतृत्व में गुरुद्वारे के कार्यक्रमों का विस्तार हुआ है, जिसमें सामाजिक सेवा, लंगर वितरण और धार्मिक आयोजन प्रमुख रहे। स्थानीय सिख संगत ने इसे गुरुघर की मजबूती का प्रतीक बताया।अमनदीप सिंह ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा कि वे संगत की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे तथा गुरुद्वारे को और मजबूत बनाने के लिए कटिबद्ध रहेंगे। यह घटना हल्द्वानी के सिख समुदाय में पारदर्शिता और एकता की मिसाल बन गई है।

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