उत्तराखण्ड
आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जनसुनवाई में जनता की समस्याओं पर दी त्वरित राहत,,
हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में शनिवार को आयोजित जनसुनवाई/जनता मिलन कार्यक्रम में आयुक्त/सचिव मा० मुख्यमंत्री दीपक रावत ने भूमि विवाद, धोखाधड़ी से धनराशि हड़पने, अवैध निर्माण, ई-रिक्शा फिटनेस, पारिवारिक विवाद, सड़क मरम्मत, पेयजल आपूर्ति सहित विभिन्न गंभीर प्रकरणों पर सुनवाई की तथा अनेक मामलों में मौके पर ही समाधान किया।कार्यक्रम के दौरान आयुक्त कुमाऊँ मंडल ने आम जनता द्वारा प्रस्तुत विभिन्न शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।ई-रिक्शा फिटनेस समस्या के समाधान के निर्देशजनसुनवाई में अवगत कराया गया कि नैनीताल शहर में वर्तमान में 24 ई-रिक्शा संचालित हैं, किन्तु मैनुअल फिटनेस की व्यवस्था न होने से संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ई-रिक्शा संचालकों ने मैनुअल फिटनेस की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
इस पर आयुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को परिवहन मुख्यालय से पत्राचार कर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए।वाहन लोन एवं ट्रांसफर विवाद में कंपनी अधिकारियों को तलबमदन सिंह, जनपद अल्मोड़ा (ब्लॉक लमगड़ा) ने शिकायत की कि उन्होंने महिंद्रा कंपनी से लोन पर वाहन खरीदा था। किस्तें समय से जमा न होने पर कंपनी ने वाहन अपने कब्जे में ले लिया और बाद में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। परंतु उस व्यक्ति द्वारा वाहन अपने नाम ट्रांसफर न कराए जाने के कारण वाहन अभी भी कागज़ों में मदन सिंह के नाम से ही दर्ज है, जिससे होने वाले सभी चालान उनके नाम पर आ रहे हैं।
आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिंद्रा कंपनी के अधिकारियों को तलब कर शिकायतकर्ता की समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।पेयजल संकट पर जेजेएम नोडल अधिकारी को जांच के निर्देशमुकुल ऐरी, ग्राम क्वैराला ने अवगत कराया कि गांव के तोक बाखली में पेयजल आपूर्ति न होने से लोगों को लगभग 700 मीटर दूर गधेरे से पानी ढोना पड़ रहा है। वर्तमान में तोक में सात परिवार निवासरत हैं।
आयुक्त ने इस संबंध में जल जीवन मिशन (JJM) के नोडल अधिकारी को मौके की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।ग्रामीण सड़कों और पर्यटन कनेक्टिविटी पर सख्त रुखब्लॉक प्रमुख केडी रूबाली ने विकास खंड ओखलकांडा क्षेत्र की समस्याओं से आयुक्त को अवगत कराया। उन्होंने हरीशताल–लोहाखामताल क्षेत्र को पर्यटन से जोड़े जाने तथा सेलाखेत, नालशन, सुनकोट, काफली, बजवालगांव, कुकना आदि क्षेत्रों को जोड़ने वाले लगभग 37 किलोमीटर मोटर मार्ग की मरम्मत कराने का अनुरोध किया।
आयुक्त ने कहा कि वह स्वयं शीघ्र ही संबंधित मोटर मार्गों का निरीक्षण करेंगे तथा यदि विभागीय लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।मानव–वन्यजीव संघर्ष पर प्रोएक्टिव कार्रवाई के निर्देशआयुक्त ने कुमाऊँ मंडल के सभी जनपदों में जंगली जानवरों द्वारा लोगों पर बढ़ते हमलों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग को कड़े निर्देश दिए कि वे प्रोएक्टिव होकर कार्य करें और पीड़ितों को तुरंत मुआवजा प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि वन भूमि से लगे वे गांव जो नाप भूमि पर हैं, वहां निवासरत लोगों के हक–हकूक सुरक्षित रहें तथा उन्हें लकड़ी और चारे की उपलब्धता के लिए समुचित व्यवस्था की जाए।जिलाधिकारी ने भी निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों की सक्रियता अधिक है, वहां गश्त बढ़ाई जाए। आयुक्त ने आम नागरिकों से अपील की कि वे यथासंभव कम से कम जंगल में जाएं और यदि जाना आवश्यक हो तो समूह में जाएं तथा वन विभाग को पूर्व सूचना देकर ही बड़े समूह के रूप में जाएं।
आयुक्त ने वन विभाग के अधिकारियों को आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए।भूमि विवादों पर आमजन के लिए सावधानी की अपीलजनसुनवाई के दौरान भूमि से संबंधित विवादों की अधिक संख्या में शिकायतें प्राप्त होने पर कुमाऊँ आयुक्त ने नागरिकों से विशेष अपील की कि वे भूमि क्रय–विक्रय में किसी प्रकार की जल्दबाज़ी न करें।
उन्होंने कहा कि भूमि खरीदने से पूर्व संपूर्ण दस्तावेजी सत्यापन, रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड, खसरा–खतौनी, नामांतरण, भू-उपयोग आदि का विधिवत परीक्षण आवश्यक है। इससे स्वयं को आर्थिक नुकसान और भविष्य में उत्पन्न होने वाली कानूनी जटिलताओं से बचाया जा सकता है।























