उत्तराखण्ड
नैनीताल में राजस्व न्यायालयों की अनियमितताओं पर अधिवक्ताओं का आक्रोश, डीएम कार्यालय में धरना का ऐलान ,एडीएम के व्यवहार पर भी जताई कड़ी आपत्ति
नैनीताल, 22 जनवरी 2026: जिले के राजस्व न्यायालयों में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं और खराब कार्यप्रणाली से नाराज अधिवक्ताओं ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। अधिवक्ताओं में राजस्व न्यायालयों की कार्यशैली को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अपनी समस्याओं और आपत्तियों से अवगत कराया है।पत्र में आरोप लगाया गया है कि राजस्व न्यायालयों में बाहरी व्यक्तियों की सक्रिय भूमिका बनी हुई है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पीठासीन अधिकारी समय पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे, जिससे वादकारियों और अधिवक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जिला विकास प्राधिकरण में मामलों की सुनवाई के लिए मानकों के अनुरूप तिथियां निर्धारित नहीं की जा रही हैं। साथ ही, ऑर्डर शीट में न तो अधिवक्ताओं और न ही वादकारियों के हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, जो न्यायिक नियमों का खुला उल्लंघन है।पत्र में एडीएम के व्यवहार पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई है। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनके साथ लगातार अमर्यादित एवं अनुचित व्यवहार किया जा रहा है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। राजस्व वादों में सम्मन तामील की रिपोर्ट समय पर दाखिल न होने से मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब हो रहा है। वादों से संबंधित सामान्य जानकारी प्राप्त करने के लिए भी अधिवक्ताओं को संघर्ष करना पड़ रहा है।इन सभी समस्याओं से जिला प्रशासन को पूर्व में भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन राजस्व न्यायालयों, प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है। लगातार अनदेखी से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि वे आंदोलन के लिए बाध्य हैं। 27 जनवरी को जिलाधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।


























