उत्तराखण्ड
हल्द्वानी बेस अस्पताल में पानी की बर्बादी मोटर चली है लेकिन, बॉल खराब, जवाब,, टालमटोल”
हल्द्वानी बेस अस्पताल में पानी की बर्बादी का मामला सामने आया है, जहां रोजाना हजारों लीटर पानी बेकार बह रहा है, जबकि शहर में आम जनता को पीने का साफ पानी मिलना भी मुश्किल हो चुका है। सूत्रों के अनुसार अस्पताल परिसर में एक मोटर चलाकर भूल जाने के कारण टैंक से पानी लगातार बह रहा है, जबकि जिम्मेदार कर्मचारी इसे लेकर उदासीन नजर आ रहे हैं।जब इस मामले की जानकारी अधिकारियों से मांगी गई तो उनका जवाब टालमटोल भरा रहा। कुछ कर्मचारियों ने कहा कि “टैंक की बॉल खराब हो गई है, इसलिए पानी बह रहा है”, जबकि दूसरी ओर यह भी कहा गया कि “हमें इसको नहीं देखना है, न ही हम इसके जवाबदेह हैं।” इस तरह की लापरवाही से अस्पताल परिसर में पानी की बर्बादी लगातार जारी है, जबकि बाहर जनता पीने के पानी के लिए टैंकरों और नलकूपों के इंतजार में रहती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (CMS) साहब एक बार पूरे बेस अस्पताल का राउंड लगाकर देख लें तो कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी का डर जरूर होगा। लोगों का आरोप है कि सरकारी व्यवस्था में इसलिए लापरवाही बनी रहती है क्योंकि “सरकारी है, इसलिए कोई फर्क नहीं पड़ता।” ऐसी ही लापरवाही से अस्पतालों की दुर्दशा हुई है और कई सुविधाएं पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर चल रही हैं।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यदि सरकार पीपीपी मोड पर ही सेवाएं चलाना चाहती है तो कर्मचारियों की नौकरी भी उसी आधार पर रखी जाए, ताकि जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद न हो। उन्होंने जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग से तुरंत जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।




























