उत्तराखण्ड
पुराने शासकीय वाहन में सजी उत्तराखण्ड की लोक-संस्कृति, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की अभिनव पहल,,
हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय ने अपनी रचनात्मक और सांस्कृतिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय ने एक पुराने शासकीय वाहन को उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक-संस्कृति के रंगों व प्रतीकों से सजाकर यह संदेश दिया कि अनुपयोगी वस्तुएँ भी नवाचार से उपयोगी और आकर्षक बन सकती हैं।इस सुसज्जित वाहन का लोकार्पण मुख्य अतिथि नगर निगम हल्द्वानी के महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने किया। उन्होंने कहा, “यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायी है। पुरानी वस्तुओं का पुनः उपयोग विद्यार्थियों को सिखाता है कि निष्प्रयोज्य लगने वाली चीजों को सृजनात्मक सोच से नया जीवन दिया जा सकता है। यह उत्तराखण्ड की लोक-संस्कृति संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।”कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रयास स्मृति और संस्कृति दोनों के संरक्षण का प्रतीक है। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव खेमराज भट्ट ने किया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक, विद्याशाखाओं के निदेशक, शिक्षक, कर्मचारी व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। गृह विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।विश्वविद्यालय की यह पहल पर्यावरण संरक्षण, पुनः उपयोग की भावना को बढ़ावा देती है तथा उत्तराखण्ड की लोक-संस्कृति को युवाओं तक प्रभावी ढंग से पहुँचाती है।


























