Connect with us

उत्तराखण्ड

भ्रष्टाचार मुक्त और अतिक्रमण मुक्त दून के लिए सुलोचना ने मांगे वोट। कई संगठनों का समर्थन होने का दावा,

देहरादून नगर निगम से नियर पद की प्रत्याशी सुलोचना ईष्टवाल नेअपने समर्थकों के साथ विभिन्न वार्डों में जनसंपर्क अभियान किया और जनसभाएं करके वोट मांगे।
सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि पिछले नगर निगम का बोर्ड पार्षदों द्वारा करोड़ों की फर्जी सफाई कर्मियों के लिए काफी चर्चित रहा। इसके अलावा मेयर पर भी आय से अधिक संपत्ति और पद का दुरुपयोग करके व्यक्तिगत लाभ लेने के कई आरोप भी लगे। अब जनता के पास मौका है कि घोटाले के लिए चर्चित रहे पार्षद और मेयर सभी बदल दिए जाएं।
15 साल से अब तक के मेयरों का कार्यकाल निराशाजनक बताते हुए सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि देहरादून को साफ सुथरा और सुरक्षित शहर बनाने के बजाय इसे अवैध अतिक्रमणकारियों के हवाले करके स्लम सिटी में तब्दील कर दिया गया है।
सुलोचना ने कहा कि अब तक के मेयर निगम की सरकारी जमीनों पर कब्जे करने के लिए सीधे-सीधे जिम्मेदार हैं। विभिन्न क्षेत्रीय दलों द्वारा बनाए गए संगठन ऊर्जा द्वारा समर्थित प्रत्याशी सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि जनता यदि बदलाव चाहती है तो मेयर के पद पर पंखा चुनाव निशान पर अपनी मोहर लगाएं।
सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि यदि उन्हें मौका मिलता है तो पूरे देहरादून को नशा मुक्त, साफ सुथरा और हरा भरा, सुरक्षित शहर बनाने के लिए उनके पास एक पूरा विजन है और सुनिश्चित प्लान है।
पदयात्रा के दौरान और जनसभा के दौरान सुलोचना ईष्टवाल के साथ महिलाओं और पूर्व सैनिकों का काफी उत्साह देखा जा रहा है।
सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं सहित आउटसोर्स में शोषण का शिकार हो रहे तमाम नौजवानों का भी उनके प्रति एक तरफ समर्थन है। सुलोचना ईष्टवाल ने दावा किया कि इस बार पहली बार पूर्व सैनिक गौरव सैनानी उनका समर्थन कर रहे हैं और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से होने संघर्ष रत रहने के नाते स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन का भी उनको समर्थन है।

इस मौके महानगर अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ शशी रावत, जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ पौड़ी राखी नौढियाल, द्रौपदी रावत, ऊषा बिष्ट, शांति चौहान, रजनी कुकरेती, कुसुम, ज्योति खंकरियाल ,सुमन रावत, पदमा रौतेला ,सुमन रावत,कलावती नेगी, ऋषिका चौहान ,ऊमा खंडूड़ी, जगदंबा बिष्ट, मीना ध्यान, राजेंद्र गुसाईं , सरस्वती बडोला प्रमिला रावत कलावती नेगी, मीना थपलियाल, मंजू बहुगुणा, रंजना नेगी, सोभित भद्री आदि शामिल थे।

Ad
Continue Reading
You may also like...

More in उत्तराखण्ड

  • उत्तराखण्ड

    भक्ति का सुगंध बिखेरते हुए 58वें निरंकारी सन्त समागम का सफलतापूर्वक समापन

    By

    जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक उपलब्धियों में नहीं बल्कि आत्मिक उन्नति में निहित है सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज हल्द्वानी ‘‘जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक उपलब्धियों में नहीं बल्कि आत्मिक उन्नति में निहित है।’ये उद्गार निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने महाराष्ट्र के 58वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम के तीसरे एवं समापन दिवस पर लाखों की संख्या में उपस्थित मानव परिवार को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। इस तीन दिवसीय समागम का कल रात विधिवत रूप में सफलता पूर्वक समापन हो गया। सतगुरु माता जी ने आगे कहा कि मनुष्य जीवन को इसलिए ऊँचा माना गया है, क्योंकि इस जीवन में आत्मज्ञान प्राप्त करने की क्षमता है। परमात्मा निराकार है, और इस परम सत्य को जानना मनुष्य जीवन का परम लक्ष्य होना चाहिए। अंत में सतगुरु माता जी ने फरमाया कि जीवन एक वरदान है और इसे परमात्मा के साथ हर पल जुड़कर जीना चाहिए। जीवन के हर पल को सही दिशा में जीने से ही हमें आत्मिक सन्तोष एवं शान्ति मिल सकती है, हम असीम की ओर बढ़ सकते हैं। इसके पूर्व समागम के दूसरे दिन सतगुरु माता जी ने अपने अमृत वचनों में कहा कि जीवन में भक्ति के साथ कर्तव्यों के प्रति जागरुक रहकर संतुलित जीवन जियें यह आवाहन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने पिंपरी पुणे में आयोजित 58वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम के दूसरे दिन शाम को सत्संग समारोह में विशाल रूप में उपस्थित श्रद्धालुओं को किया। सतगुरु माताजी ने फरमाया कि जैसे एक पक्षी को उड़ने के लिए दोनों पंखों की आवश्यकता होती है, वैसे ही जीवन में भक्ति के साथ साथ अपनी सामाजिक एवं पारिवारिक जिम्मदारियों को निभाना अति आवश्यक है। यदि कोई केवल भक्ति में ही लीन रहते हैं और कर्मक्षेत्र से दूर भागने का प्रयास करते हैं तो जीवन संतुलित बनना सम्भव नहीं। दूसरी तरफ भक्ति या आध्यात्मिकता से किनारा करते हुए केवल भौतिक उपलब्धियों के पीछे भागने से जीवन को पूर्णता प्राप्त नहीं हो सकती। सतगुरु माताजी ने आगे समझाया कि वास्तव में भक्ति और जिम्मेदारियों का निर्वाह का संतुलन तभी सम्भव हो पाता है जब हम जीवन में नेक नीयत, ईश्वर के प्रति निष्काम निरिच्छित प्रेम और समर्पित भाव से सेवा का जज्बा रखें। केवल ब्रह्मज्ञान प्राप्त करना काफी नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में अपनाना भी आवश्यक है। एक उदाहरण के द्वारा सतगुरु माता जी ने समझाया कि जैसे कोई दुकानदार अपने काम को पूरी ईमानदारी और संतुलन के साथ करता है, ग्राहक को मांग के अनुसार सही नापतोल करके माल देता है और उसका उचित मूल्य स्वीकारता है। अपने कार्य में पूरी तरह से संतुलन बनाए रखता है। इसी तरह भक्त परमात्मा से जुड़कर हर कार्य उसके अहसास में करता रहता है, सत्संग सेवा एवं सिमरण को प्राथमिकता देता है, यही वास्तविकता में भक्ति का असली स्वरूप है। इसके पहले आदरणीय निरंकारी राजपिता रमित जी ने अपने विचारों में कहा कि भक्ति का उद्देश्य परमात्मा के साथ एक प्रेमपूर्ण नाता जोड़ने का हो। इसके लिए संतों का जीवन हमारे लिए प्रेरणास्रोत होता है जो हमें अपनी आत्मा का मूल स्वरूप परमात्मा को जानकर जीवन का विस्तार असीम सच्चाई की ओर बढ़ाने की शिक्षा देता है। आपने बताया कि हमें अपनी आस्था और श्रद्धा को सच्चाई की ओर मोड़ना चाहिए और हर पल कदम में परमात्मा के प्रेम को महसूस करना चाहिए तभी सही मायनो में भक्ति का विस्तार सार्थक होगा। समागम की कुछ झलकियां कवि दरबार             समागम के तीसरे दिन एक बहुभाषी कवि दरबार का आयोजन किया गया जिसमें जिसका विषय था ‘विस्तार – असीम की ओर।’महाराष्ट्र के अतिरिक्त देश के विभिन्न स्थानों से आए हुए 21 कवियों ने मराठी, हिन्दी, अंग्रेजी, कोंकणी, भोजपुरी आदि भाषाओं में इस कवि दरबार में काव्य पाठ करते हुए मिशन के दिव्य सन्देश को प्रसारित किया। श्रोताओं द्वारा कवियों की भूरि भूरि प्रशंसा की गई।             मुख्य कवि दरबार के अतिरिक्त समागम के पहले दिन बाल कवि दरबार एवं दूसरे दिन महिला कवि दरबार का आयोजन लघु रूप में किया गया। इन दोनों लघु कवि दरबार कार्यक्रमों में मराठी, हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषाओं के माध्यम से 6 बाल कवि एवं 6 महिला कवियों ने काव्य पाठ किया जिसकी श्रोताओं द्वारा अत्यधिक प्रशंसा की गई।  निरंकारी प्रदर्शनी...

  • उत्तराखण्ड

    विशाल वर्मा बने अखिल एकता उद्योग व्व्यापार मण्डल के जिला अध्यक्ष और हर्षित तिवारी जिला प्रभारी,

    By

    हल्द्वानी आज अखिल एकता उद्योग व्यापार मण्डल के यशस्वी प्रदेश अध्यक्ष जी अनुज कांत अग्रवाल जी...

  • उत्तराखण्ड

    स्वतंत्र भारत के इतिहास में उत्तराखण्ड यू.सी.सी लागू करने वाला बना देश का पहला राज्य।,

    By

    मुख्यमंत्री ने किया समान नागरिक संहिता की अधिसूचना का अनावरण। यूसीसी पोर्टल ucc.uk.gov.in का भी किया...

  • उत्तराखण्ड

    प्रकाश आर्य ने मण्डल अध्यक्ष के निष्कासन की करी मांग।,

    By

    भवाली: भाजपा के पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी रहे प्रकाश आर्य ने पार्टी संगठन से मण्डल अध्यक्ष के निष्कासन...

Trending News

Follow Facebook Page