उत्तराखण्ड
मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज में 29 वर्षीय मरीज के गंभीर स्पाइन दर्द का मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया से सफल इलाज

मरीज की स्थिति और जांच
हल्द्वानी के गुरवीर सिंह संधू, जो सक्रिय जीवनशैली जीते थे, तेज लोअर बैक पेन से जूझ रहे थे। दर्द बाएं पैर तक फैल चुका था, पैरों में कमजोरी और चलने में कठिनाई हो रही थी। दवाओं, आराम और फिजियोथेरेपी से कोई फायदा न होने पर वे मैक्स हॉस्पिटल पहुंचे। एमआरआई में L4-L5 लेवल पर गंभीर नर्व कंप्रेशन पाया गया, जो समय रहते इलाज न होने पर न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं का कारण बन सकता था। डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी की सलाह दी।
प्रक्रिया और डॉक्टरों की राय
न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. आशीष गुप्ता ने बताया, “युवाओं में स्पाइन समस्याएं बढ़ रही हैं। हमने मिनिमली इनवेसिव माइक्रोस्कोपिक प्रक्रिया से नर्व पर दबाव हटाया, टिश्यू को सुरक्षित रखा। इससे कम दर्द, तेज रिकवरी और कम अस्पताल प्रवास का लाभ मिला।”
सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अरविंदर दयाल ने कहा, “ओपन सर्जरी के विपरीत, यह तकनीक छोटे चीरे से काम करती है। युवा मरीजों के लिए कम डाउनटाइम और जल्द काम पर वापसी का फायदा है। समय पर डायग्नोसिस से विकलांगता रोकी जा सकती है।”
तेज रिकवरी और संदेश
सर्जरी के अगले दिन मरीज को दर्द में राहत मिली और वे बिना सहारे चलने लगे। 24 घंटे में छुट्टी मिल गई, और जल्द ही सामान्य जीवन शुरू हो गया। डॉक्टरों ने युवाओं को पीठ दर्द के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की चेतावनी दी।
मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज एडवांस्ड तकनीक और विशेषज्ञ देखभाल से स्पाइन मरीजों की जिंदगी सुधार रहा है।





