उत्तराखण्ड
जनहित अतिक्रमण खबर पर स्कूल संचालक का प्रतिशोध, पत्रकार संजय पाठक के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज

पवनीत सिंह बिंद्रा
हल्द्वानी 24 अप्रैल 2026 (खालसा न्यूज नेशन): हल्द्वानी के रामपुर रोड न्यू आदर्श कॉलोनी में माउंट लीटेरा जी स्कूल संचालक गिरजेश पांडे द्वारा सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण की जनहित खबर प्रकाशित करने वाले वरिष्ठ पत्रकार संजय पाठक (‘प्रेस 15 न्यूज’ संपादक) के खिलाफ स्कूल संचालक ने कानूनी नोटिस भेजा और एसीजेएम कोर्ट में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की। यह घटना 28 मार्च 2026 को खबर छपने के बाद की है, जब कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के आदेश पर 31 मार्च को अतिक्रमण हटाकर रास्ता बहाल हो गया।
अतिक्रमण हटने के बाद भी विवाद जारी, पत्रकार पर दबाव के आरोप निवासियों ने बताया कि 15 फीट चौड़े पारंपरिक मार्ग पर स्कूल गेट बनाकर रास्ता रोका गया था, जो जनसुनवाई में उठा। पत्रकार संजय पाठक ने इसे उजागर किया, लेकिन स्कूल संचालक ने प्रतिशोध में पत्रकार को निशाना बनाया। स्थानीय स्तर पर इसे अभिव्यक्ति स्वतंत्रता पर हमला माना जा रहा है।
इस दौरान पत्रकार संगठन ने रामनगर में ज्ञापन सौंपा है एवं आज सिटी मजिस्ट्रेट ए पी बाजपेई के माध्यम से मुख्यमंत्री ज्ञापन सौंपा
हिमालय डिजिटल मीडिया संगठन के नेतृत्व में मयंक मैनाली, राहुल सिंह दरमवाल आदि ने रामनगर एसडीएम गोपाल सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से निष्पक्ष जांच, झूठे मुकदमे की वापसी और भविष्य में दुरुपयोग रोकने के दिशा-निर्देश की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि अन्यथा राज्यस्तरीय आंदोलन होगा।
उत्तराखंड HC सक्रिय, पत्रकार सुरक्षा पर जोर
राज्य में पत्रकारों पर बढ़ते हमले चिंता बढ़ा रहे हैं, जैसा हल्द्वानी में दीपक अधिकारी मामले में हुआ। उत्तराखंड हाईकोर्ट अतिक्रमण व पत्रकार सुरक्षा पर सख्ती बरत रहा है।इस दौरान दिनांक 28 मार्च ,अतिक्रमण हटाया गाय एवं 31 मार्च। को संजय। पाठक के खिलाफ स्कूल संचालक ने मुकदमा दर्ज कराया गया पत्रकारों का कहना है कि जनहित में किए गए कार्यों पर अगर पत्रकार पर मुक़दमा दर्ज किया जाता है ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है उन्होंने कहा कि ये चौथे स्तंभ पर हमला है लेकिन वही स्कूल संचालक की बात करे तो स्कूल मानकों के विपरीत चल रहा है स्कूल मानकों पर खरा नहीं है ये तो कॉलोनी निवासी की आवाज पर पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज होंगे तो भविष्य में क्या होगा ,इस दौरान सभी पत्रकार संगठनों की कड़ी निंदा की है अगर इस दौरान कोई निष्कर्ष नहीं निकला तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ,जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी ,





