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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में कौशल विकास पर विशेष व्याख्यान

। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (CIQA) द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान श्रृंखला के तहत “ग्रेजुएट एम्प्लॉयबिलिटी एवं NSQF” विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित हुआ। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के जनरल बिपिन रावत बहुउद्देशीय सभागार में संपन्न हुआ, जिसमें कौशल आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया।

कुलपति का उद्बोधन

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा, “हमारा प्राथमिक लक्ष्य कौशल विकास पर बल देते हुए शिक्षार्थियों को अधिक से अधिक स्वावलंबी बनाना है।” उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने कौशल विकास केंद्र की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय को सौंपी है। ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।

मुख्य वक्ताओं के विचार

NCVET, नई दिल्ली से प्रो. अशोक कुमार गाबा (Executive Member) ने व्याख्यान में कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में डिग्री पर्याप्त नहीं, कौशल ही रोजगार दिलाता है। NSQF के जरिए कौशल प्रशिक्षण को मानकीकृत किया जा रहा है। NCVET गुणवत्ता मानकों को मजबूत कर युवाओं को उद्योग के अनुरूप तैयार करेगा। उन्होंने उल्लेख किया कि नई शिक्षा नीति से स्नातकों के रोजगार के अवसर 70% बढ़े हैं।

श्री अमित शर्मा (Senior Consultant) ने कहा कि भारतीय स्किलिंग इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है। विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रम उद्योग-केंद्रित बनाने चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति कौशल विकास पर आधारित है।

अन्य योगदान

स्वागत भाषण में कंप्यूटर एवं आईटी विद्याशाखा निदेशक प्रो. जितेंद्र पांडे ने उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने पर बल दिया। प्रो. गगन सिंह ने गुणवत्ता उन्नयन पहलों पर प्रकाश डाला। प्रो. आशुतोष कुमार भट्ट ने कार्यक्रम संचालन किया। धन्यवाद ज्ञापन CIQA निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे ने किया।

प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. राकेश चंद्र रयाल समेत शिक्षक, शोधार्थी और छात्रों ने भाग लिया।

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