उत्तराखण्ड
ट्रांसपोर्ट नगर में टैक्स लगाने से पहले व्यापारियों से पुनर्विचार व गोष्ठी जरूरी: व्यापारियों का जोरदार विरोध,
हल्द्वानी। ट्रांसपोर्ट नगर के व्यापारियों ने नगर निगम द्वारा टैक्स लगाने की योजना पर आपत्ति जताई है और मांग की है कि टैक्स लगाने से पहले नगर निगम व्यापारियों के साथ पुनर्विचार करे तथा समस्त व्यापारियों के साथ गोष्ठी कर सहमति प्राप्त करे। भाजपा नेता व पूर्व पार्षद जसपाल कोहली, कुंदन सिंह बिष्ट व देवभूमि ट्रांसपोर्ट महासंघ के पदाधिकारी इस मांग में एक स्वर में हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर में लगभग 33 एकड़ भूमि में 875 दुकानदार विभिन्न ब्लॉकों में व्यापार करते हैं जो यातायात नगर परियोजना के तहत मालिकाना हक के साथ आवंटित भूमि है। यातायात नगर संस्था नो प्रॉफिट नो लॉस के सिद्धांत पर कार्य करती है, जिसकी देखरेख यातायात नगर अनुश्रवण समिति जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में करती है। 1996 में शहर में भारी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए इस नगर की स्थापना हुई थी।
महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा ने बताया कि व्यापारियों से प्रति वर्ग मीटर 6350 रुपए के हिसाब से एनओसी शुल्क लिया जाता है, जो कुल रजिस्ट्री मूल्य का लगभग 15% है। इसके अतिरिक्त यदि नगर निगम टैक्स लगाता है तो व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। इसलिए टैक्स दरों पर पुनर्विचार और व्यापारियों की सहमति आवश्यक है।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक नगर निगम जरूरी सुविधाएं प्रदान नहीं करता और टैक्स लगाने को लेकर व्यापारियों से चर्चा नहीं होती, तब तक वे किसी भी तरह का टैक्स देने के लिए तैयार नहीं हैं। जल्द ही देवभूमि ट्रांसपोर्ट महासंघ का प्रतिनिधि मंडल हल्द्वानी महापौर से इस मामले में भेंट करेगा ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके।
बैठक में नवीन मेलकानी, उमेश चंद्र पांडे, हरीश सनवाल, रोहित रौतेला, आफताब हुसैन, किशन कोश्यारी, भास्कर जोशी, बृजेश तिवारी सहित कई व्यक्ति मौजूद थे और उन्होंने व्यापारियों की मांगों का समर्थन किया।















