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उत्तराखण्ड

पंजाब सीएम भगवंत मान की अकाल तख्त सचिवालय में पेशी,,

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 15 जनवरी 2026 को श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने सिख मर्यादा, गुरु की गोलक, दसवंध और एसजीपीसी से जुड़े विवादास्पद बयानों पर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। इस 45 मिनट की बैठक में जत्थेदार ने उन्हें सिख रहित मर्यादा तथा एसजीपीसी के आधिकारिक पत्रों पर आधारित मासिक गुरुद्वारा गजट पत्रिका भेंट की। विवाद का पृष्ठभूमिअकाल तख्त ने 5 जनवरी 2026 को मान को तलब किया, क्योंकि उनके कथित सिख-विरोधी बयानों से समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। आरोपों में गुरुद्वारों की गोलक पर टिप्पणियां, जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों का आपत्तिजनक उपयोग और 328 लापता स्वरूपों पर एसजीपीसी की आलोचना शामिल थी। चूंकि मान को ‘पतित’ (अकाली) माना गया, उन्हें तख्त फसील के बजाय सचिवालय में ही पेश होने को कहा गया। मुलाकात के प्रमुख बिंदुस्पष्टीकरण प्रस्तुत: मान ने दो बैगों में सबूतों के साथ सफाई दी, खुद को विनम्र सिख बताते हुए नंगे पांव उपस्थित हुए और सभी अन्य कार्यक्रम रद्द कर दिए। लाइव प्रसारण अनुरोध: उन्होंने पेशी का सीधा प्रसारण करने की अपील की, ताकि संगत हर विवरण जान सके। पंच सिंह साहिबान का फैसला: स्पष्टीकरण के बाद पांचों जत्थेदार आगे का निर्णय लेंगे। भेंट पत्रिका का महत्व मासिक गुरुद्वारा गजट में सिख मर्यादा के नियम, दसवंध सिद्धांत और एसजीपीसी पत्र संकलित हैं, जो विवाद के केंद्र रहे। यह भेंट औपचारिक चर्चा के बाद दी गई, जो सिख परंपराओं की पालना पर जोर देती है घटना ने पंजाब राजनीति में सिख संगठनों के साथ तनाव को उजागर किया।

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