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उत्तराखण्ड

हल्द्वानी RTE कोटा पर फर्जीवाड़ा: पात्र वंचित, अमीर लाभान्वित,,

हल्द्वानी, 23 फरवरी 2026 शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) की मूल भावना को तार-तार करने वाला मामला हल्द्वानी में सामने आया है, जहां पात्र गरीब बच्चे दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन संपन्न वर्ग के लोग फर्जी आय प्रमाण पत्रों से सरकारी कोटा हथिया रहे। सूत्रों के अनुसार, निजी स्कूलों पर 25% RTE कोटा भरने का जबरदस्त दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन प्रबंधन सत्यापन में लापरवाही बरत रहा। खंड शिक्षा ने भी इसका खुलासा किया कि जाली दस्तावेजों के कारण असली जरूरतमंद बच्चे वंचित हो रहे। तहसीलदार की जांच में 17 आय प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए, जिनमें संपत्ति विवरण और आय का कोई आधार नहीं। एसडीएम ने तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए, फिर भी दोषी खुले सा घूम रहे। सवाल उठता है – स्कूल प्रबंधन, शिक्षा अधिकारी या अभिभावक, आखिर जिम्मेदारी किसकी? RTE लाभार्थी सूची में घुसपैठ: आय प्रमाण पत्र की अनदेखी

RTE पोर्टल पर आवेदन करने वाले सैकड़ों अभिभावकों में से कई के दस्तावेज जांच में विफल साबित हुए। आय प्रमाण पत्र के लिए तहसीलदार से प्रमाणित ₹1 लाख वार्षिक सीमा का उल्लंघन कर संपन्न लोग लाभ ले रहे। एक मामले में, आलीशान बंगले वाले अभिभावक का प्रमाण पत्र जाली निकला, जिसके आधार पर बच्चे को प्रवेश मिल चुका था। स्कूलों में भावुकता दिखाने वाले ये अभिभावक वास्तव में RTE को लूट रहे। खंड शिक्षाधिकारी ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया में देरी से पात्र बच्चे प्रभावित। स्थानीय सूत्र बताते हैं कि स्कूल प्रबंधन कोटा बचाने के लिए आंखें मूंद लेते हैं, क्योंकि RTE छात्रों की फीस सरकार देती है। नतीजा – असली गरीब बाहर, फर्जी अंदर!स्कूलों पर दबाव, पात्रों की उपेक्षा: जिम्मेदार कौन? हाल में 95+ प्राइमरी और 147 स्कूलों में 2327 RTE सीटें आरक्षित हैं, लेकिन फर्जी आवेदनों से लॉटरी प्रक्रिया प्रभावित। पात्र बच्चों को आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण, निवास प्रमाण (आधार/बिजली बिल) जमा करने में कोई दिक्कत नहीं, फिर भी वे बाहर। दूसरी ओर, जिनका उल्लेख नहीं किया जा सकता, वे बिना संपत्ति जांच के लाभ ले रहे। UCPCR को दर्जनों शिकायतें मिलीं, जहां स्कूल RTE छात्रों से छिपी फीस वसूलते पकड़े गए। मुख्य शिक्षा अधिकारी का कहना है कि सख्ती बरती जा रही, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही साफ। पाठक पूछ रहे – क्या RTE अब अमीरों का हथियार बन गया? इसके लिए शिकायत प्रकोष्ठ बनाए गए लेकिन रसूखदार के लिए कोई कानून नाम की चीज नहीं है। इसके लिए शिकायत के लिए rteonline.uk.gov.in पर जाएं या UCPCR से संपर्क करें।,,

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