उत्तराखण्ड
उत्तराखंड प्रेस मान्यता निरस्ती: प्रमुख समाचार,,
उत्तराखंड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने 30 जनवरी 2026 को जारी आदेश में जनपद स्तरीय प्रेस प्रतिनिधियों की मान्यता वर्ष 2026 के लिए निरस्त कर दी। यह कार्रवाई गोपनीय जांच में प्रतिकूल तथ्यों के आधार पर विभागीय समिति की सिफारिश पर हुई।उधमसिंह नगर जिले पर फोकसशीर्षक: उधमसिंह नगर सहित 7 जिलों के 100+ पत्रकारों की प्रेस मान्यता रद्द, जांच में अनियमितताएं पाई गईं
आदेश में उधमसिंह नगर के 29 पत्रकारों ,,, केवल कृष्ण बत्रा-दैनिक आज, सुरेंद्र गिरधर-दैनिक उत्तर उजाला, नाहिद खान-PTI) की मान्यता समाप्ति सूचीबद्ध है। अन्य जिले जैसे पौड़ी गढ़वाल, चम्पावत आदि भी शामिल। कारण: गैर-पत्रकारिता गतिविधियां, अशोभनीय आचरण या झूठी सूचनाएं।नियमावली के तहत प्रक्रियाशीर्षक: उत्तरांचल प्रेस प्रतिनिधि मान्यता नियमावली 2001 के प्रावधानों का सख्त पालन
नियमावली के अनुसार, समिति जांच के बाद निरस्ती का निर्णय लेती है। प्रभावित पत्रकार 2 माह में शासन को अपील कर सकते हैं। यह कदम प्रेस की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए उठाया गया।प्रभाव और प्रतिक्रियाशीर्षक: पत्रकार संगठनों में आक्रोश, अपील की तैयारी
निरस्ती से स्थानीय मीडिया पर असर पड़ेगा, खासकर छोटे समाचार पत्रों पर। भड़ास। 4मीडिया जैसे पोर्टल्स पर चर्चा हो रही है कि सख्ती नवीनीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी। कोई आधिकारिक समाचार पोर्टल पर तत्काल कवरेज नहीं मिला, लेकिन विभागीय नोटिस बोर्ड पर अपलोड होने की संभावना।




























