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उत्तराखण्ड

यातयात नियमों को ताक पर ओवरलोडिंग की इंट्री सिस्टम पर निर्भर सारा खेल !

हल्द्वानी ,,,यातायात नियमों पाठ पढ़ाने वाले विभागों की तस्वीर ही अलग है । यातयात सप्ताह जरूर मनाया जाता है लेकिन नियमों को ताक पर रख कर प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन विभागों की इंट्री सिस्टम पर ही ओवरलोडिंग का पूरा तंत्र टिका हुआ है। एक वाहन स्वामियों का कहना है कि बिना इस सिस्टम के वाहन चलाना संभव नहीं। है, वरना न्यूनतम 5,000 से 50,000 रुपये तक के चालान कट जाते हैं एवं जुर्माने की कोई सीमा नहीं है अगर अंडर लोड वाहनों पर तमाम तरह की खामियां से चालान कर दिए जाते है ।।एक वाहन स्वामी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि परिवार का पालन-पोषण बिना इंट्री के संभव नहीं। 4400,से 5400, तक की इंट्री है ये 6, पहिया वाहन की एवं 10 पहिया वाहन एवं 12,, से 18, पहिया वाहनों की रेट इंट्री अलग है जो अन्य प्रदेशों के वाहन की इंट्री अलग होती है तीन विभागों की इंट्री सीपीयू टी आई एवं परिवहन। “बिना इंट्री के तीनों विभाग रोड पर चलना मुश्किल कर देते हैं उन्होंने कहा। चेकिंग अभियान से पहले ही इंट्री वाले वाहनों को सूचना दे दी जाती है, ताकि वे सतर्क रहें। हालांकि ,इसको छुपाने के लिए अभियान में ज्यादातर छोटे वाहनों को निशाना बनाया जाता है।अधिकारी प्रेस रिलीज में दावा करते हैं कि इतने चालान काटे, इतना जुर्माना वसूला और इतने वाहन सीज किए। लेकिन सवाल वाजिब है जब वाहन स्वामी नियम तोड़ते हैं, तो मनमानी इंट्री कैसे हो जाती है ? वाहन स्वामी ने खुलासा किया कि एक ट्रांसपोर्टर एवं एक धर्म कांटा है और एक अन्य व्यक्ति। है जोकि उनके माध्यम से। सारा खेल फोन से ही होता है। चेकिंग में पकड़े जाने पर फोन से बात करवा दी जाती है कि इंट्री हो चुकी है, कुछ नाम अगली खबर में प्रमाण सहित उजागर किए जाएंगे। ,,

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