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उत्तराखण्ड

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान,,

देहरादून। कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव की मुख्य सड़क आज नई चमक के साथ ग्रामीणों का स्वागत कर रही है। ग्राम पंचायत भगवन्तपुर के अंतर्गत आने वाली यह सड़क वर्षों से जर्जर हालत में थी। आपदा के बाद स्थिति और भयावह हो गई थी। बरसात के दिनों में आवागमन मानो किसी परीक्षा से कम नहीं होता था। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, किसान और महिलाएँ—सभी को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। यह बदलाव किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि सतत प्रयास, जनसंकल्प और सशक्त नेतृत्व की कहानी है। इस परिवर्तन के केंद्र में हैं ग्राम प्रधान श्रीमती रेनू नैथानी शर्मा, जिन्होंने सड़क निर्माण को अपने चुनावी संकल्पों में सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी।

संकल्प से सिद्धि तक

ग्राम प्रधान बनने के बाद रेनू नैथानी शर्मा ने सबसे पहले सलान गाँव की सड़क को लेकर पहल की। उन्होंने लगातार लोक निर्माण विभाग (PWD) में प्रार्थनापत्र दिए, अधिकारियों से मुलाकात की और समस्या की गंभीरता को रेखांकित किया। ग्रामवासियों को साथ लेकर वे कई बार विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगाती रहीं।

ग्राम विकास समिति, भगवन्तपुर ने भी इस जनहित कार्य को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई। समिति ने पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री श्याम सिंह पुण्डीर (दीपक भाई) से आग्रह किया। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र के विधायक एवं वर्तमान कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी को पत्र प्रेषित किया और सड़क की दुर्दशा से अवगत कराया।

निरंतर प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि प्रारंभिक रूप से 400 मीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली। यह ग्रामीणों के लिए उम्मीद की पहली किरण थी।

400 मीटर से 1500 मीटर तक का सफर

सड़क की वास्तविक स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान ने प्रयासों की गति कम नहीं होने दी। पुनः जनप्रतिनिधियों से संवाद किया गया। कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी से जनहित में विस्तार की मांग रखी गई।

लगातार समन्वय और जनदबाव के सकारात्मक परिणाम सामने आए। अब तक लगभग 1500 मीटर सड़क का निर्माण कराया जा चुका है। शेष मार्ग, जो श्री ज्ञान किशोर जोशी के घर से चोपड़ायी सलान गाँव की ओर जाता है, उसे भी शीघ्र पूर्ण करने की प्रक्रिया जारी है।

सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि भविष्य में पानी भराव और कटाव की समस्या उत्पन्न न हो। यह दूरदर्शी सोच विकास को स्थायी स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

गुणवत्ता और संवेदनशीलता का संतुलन

निर्माण कार्य के दौरान ग्राम प्रधान रेनू नैथानी शर्मा और उनकी टीम ने नियमित स्थल निरीक्षण किया। कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हो, गुणवत्ता से कोई समझौता न हो—इस पर विशेष ध्यान दिया गया।

साथ ही, निर्माण में लगे श्रमिकों की मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया। यह पहल दर्शाती है कि विकास केवल ढांचा निर्माण नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का भी सम्मान है।

जनसहभागिता बनी ताकत

इस पूरी प्रक्रिया में ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही। ग्राम विकास समिति के सदस्य लगातार जनप्रतिनिधियों के संपर्क में रहे और हर स्तर पर संवाद बनाए रखा।

पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता श्री राजेश कुमार, सहायक अभियंता श्रीमती चन्द्रकला, कनिष्ठ अभियंता श्री अमर सिंह, मेट प्रेम सिंह सहित पूरी तकनीकी टीम ने समन्वित प्रयास किए। निर्माण कार्य में दून इंफ्रास्ट्रक्चर के कांट्रेक्टर श्री राकेश बंसल और उनकी टीम ने भी भूमिका निभाई।

यह समन्वय दर्शाता है कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और जनता एक दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो विकास की गति तेज हो जाती है।

बदलती तस्वीर, बढ़ता विश्वास

आज सलान गाँव की सड़क न केवल सुगम आवागमन का माध्यम बनी है, बल्कि यह ग्राम पंचायत भगवन्तपुर के विकास की नई पहचान भी बन रही है। ग्रामीणों में विश्वास जगा है कि यदि नेतृत्व प्रतिबद्ध हो और प्रयास निरंतर हों, तो वर्षों पुरानी समस्याएँ भी हल हो सकती हैं।

ग्राम प्रधान रेनू नैथानी शर्मा का यह प्रयास दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर सशक्त इच्छाशक्ति और जनसहभागिता के माध्यम से विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।

ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की यह कहानी बताती है—जब संकल्प मजबूत हो, टीम सजग हो और जनता सहभागी बने, तो विकास केवल घोषणा नहीं, धरातल पर उतरती वास्तविकता बन जाता है।

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