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उत्तराखण्ड

अम्बे सिने’ पर उतराखंडी फिल्मों एवं गीत संगीत की एप के माध्यम से देश विदेश में घर बैठे ही उपलब्ध,,

आदराजा का पहला गढ़वाली कुमांऊनी आटीटी टफार्म ऐप ‘अम्बे सिने’ पर उतराखंडी फिल्मों एवं गीत संगीत की एप के माध्यम से देश विदेश में घर बैठे देखने की उपलब्ध है। वहीं इसी कड़ी में अब कुमाउनी फिल्म ‘माटी पठ्‌याण अब आपके लिए ऐप में उपलब्ध है।

फॉच्यून टॉकीज भीशन पिक्चर्स के बैनर तले मादी पठ्‌याण’ नाम से लोक भाषा कुमाउनी में फिल्म जिसके निमोत्य फराज शेरी एवं अजय बेरी के निर्देसन में बनी फिल्म पहाड़ी में पलायन और महिला सशक्तिकरण की बात की गई है। कुमाऊ अगल की इस मेधा बजट फिल्म में मुख्य कलाकार अकिता परिहार, करन गोस्वामी, सहयोगी कलाकार आकाश नेगी, चढ़ा बिष्ट, वान्या जोशी, पदमेदर रावल, प्रकाश जोशी, नरेश बिष्ट, जीवन सिंह रावत, आरव विष्ट, विजय जम्मवार तरुण, शेखर आर्या, रेखा पाटनी, मह विष्ट इत्यादि है। इस फिल्म की पटकथा मनमोहन चौधरी ने लिखी है एवं फिल्म का संगीत राजन बजेली का है और फिल्म का संपादन मुकेश झा ने किया है।

उत्तराखंड का प्रतिष्ठित फिल्म अवाईस शो “उत्तराखंड सिने अवाईस” में वर्ष 23 के लिए फिल्म को सर्वश्रेष्ठ खलनायक, सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशन, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के अवार्ड से नवाजा गया। फिल्म की कहानी उत्तराखंड की सच्ची घटनाओं पर निर्मित है। एक छोटे से गाव की पहचान, समुदाय, भाषा और प्रेम के जटिल मु‌द्दों को फिल्म में फिल्माया गया है। शूटिंग उत्तराखंड के कोटाबाग (नैनीताल) व भीमताल की खूबसूरत वाढी में हुई है। फिल्म कुमांऊनी बोली-भाषा के प्रभावशाली व ध्यान आकर्षित करने वाले ठोस संवादो से परिपूर्ण है। फिल्म पहाडी अंचल से निरंतर हो रहे पलायन के दर्द व अंचल में बाहरी लोगों की घुस पैठ से बढ़ रही अशांति को बया करती है, उस पर चोट करती है। फिल्म के माध्यम से बताया गया है, कोई भी व्यक्ति पहाडी अंचल से पलायन नहीं करना चाहता है। लेकिन अपने बच्चों के भावी भविष्य के लिए उसे कठिन निर्णय लेने को मजबूर होना पड़ता है। अंचल के रोजमर्रा के मुद्दों के साथ-साथ, बेटी के हक की बात भी फिल्म में प्रभावी तरीके से बया की गई है। पहाड़ी अंचल की लड़की का पहाड़ जैसा साहस दिखाया गया है। अम्बे सिने ओटीटी प्लेटफार्म ऐप का उद्देश्य उत्तराखडी भाषाओं में निर्मित फिल्मे एवं गीत संगीत को इस ऐप के माध्यम से उत्तराखंड एवं देश विदेश में रह रहे उत्तराखंडियों तक पहुचना है ताकि हमारे उत्तराखंडी अपनी आषा एवं सस्कृति से जुड़े रहे। जहा आज फिल्म जगत से जुड़े निर्माता फिल्म बनाने में अपना पैसा लगा तो लेते हैं लेकिन सीमित साधन होने के कारण फिल्मो को सिनेमा हॉल तक पहचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है और बहुत कम दर्शकों तक फिल्में पहुँचती है जिस कारण उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। इस आर्थिक नुकसान के कारण बहुत से निर्माता दुबारा फिल्म बनाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। इसी उद्‌देश्य को मध्यनजर रखते हुए अम्बे सिने ओटीटी प्लेटफॉर्म को लांच किया गया ताकि ये फिल्मे देश विदेश के हर कोने तक पहुँच सके। उत्तराखंड का पहली गढ़वाली कुमांऊनी ओटीटी प्लेटफार्म ऐप ‘अन्बे सिने में कई गढ़वाली कुमाउनी गीत संगीत, फिल्मे, वेबसीरीज घर बैठे देखने के लिए आप “अम्बे सिने” ऐप को अपने मोबाइल / पीसी पर गूगल प्ले । ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते है इस दौरा मुख्य प्रवक्ता बी के ध्यानी, सह प्रवक्ता चंद्रकांत नेगी, चारू तिवारी उपस्थित थे

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