उत्तराखण्ड
लोक भवन, देहरादून: षष्ठम राज्य वित्त आयोग ने प्रस्तुत किया प्रतिवेदन,,
पवनीत सिंह बिंद्रा
देहरादून, 31 मार्च 2026
मंगलवार को लोक भवन पहुंचे षष्ठम राज्य वित्त आयोग, उत्तराखण्ड के अध्यक्ष श्री एन. रवि शंकर ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने आयोग का प्रतिवेदन (2026-2031) प्रस्तुत किया। आयोग के सदस्य श्री पी.एस. जंगपांगी, डॉ. एम.सी. जोशी तथा अपर सचिव श्री नवनीत पाण्डे भी इस महत्वपूर्ण बैठक में मौजूद रहे।
मुख्य अनुशंसाओं पर जोर
आयोग अध्यक्ष ने प्रतिवेदन की प्रमुख सिफारिशों पर प्रकाश डालते हुए सामुदायिक परिसंपत्तियों के रख-रखाव और उनकी सटीक मैपिंग के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने योजनाओं एवं संसाधनों के समन्वय (कन्वर्जेंस), सहयोग- सहकारिता की भावना मजबूत करने, रोजगार सृजन पर विशेष फोकस तथा बदलते दौर में प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। ये सुझाव उत्तराखण्ड की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत बनाने और स्थानीय विकास को गति देने के उद्देश्य से हैं।
राज्यपाल की सराहना और निर्देश
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने आयोग के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नियमानुसार सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद आयोग की संस्तुतियां जनप्रतिनिधियों और आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचें। साथ ही, इन सिफारिशों का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि उत्तराखण्ड की जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। यह प्रतिवेदन राज्य के वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विकास योजनाओं को नई दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।













