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उत्तराखण्ड

किरणप्रीत कौर पहवा को अंतर्राष्ट्रीय न्यायविद परिषद का प्रतिष्ठित सदस्य चुना गया,,

नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय न्यायविद परिषद (इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ जुरिस्ट्स) ने दिल्ली की किरणप्रीत कौर पहवा को पांच वर्षीय प्रतिष्ठित सदस्यता प्रदान की है। यह प्रमाणपत्र संख्या 5804 तथा सदस्यता संख्या 2015/2019 जारी किया गया है, जो 2026 से 2030 तक प्रभावी रहेगा।

परिषद के पंजीकृत कार्यालय 134, बकिंघम पैलेस रोड, लंदन, एसडब्ल्यू1डब्ल्यू9एसए स्थित है। संपर्क: +(44) 7417 524900; ईमेल: [email protected]; वेबसाइट: www.internationaljurist.org। प्रमाणपत्र पर परिषद के अध्यक्ष डॉ. अधीश सी. अग्रवाल (वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष) के हस्ताक्षर हैं।

किरणप्रीत कौर पहवा का पता जेजी-2/228, सीआरपीएफ कैंप के पास रामलीला पार्क, नई दिल्ली है। उनका मोबाइल नंबर +91 8006032000 है। यह सदस्यता वैश्विक न्यायिक नेतृत्व में उनके योगदान को मान्यता प्रदान करती है।

परिषद के प्रमुख पदाधिकारीअध्यक्ष: माननीय डॉ. अधीश सी. अग्रवाल – सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष, भारत सरकार के पूर्व विशेष परामर्शदाता, हरियाणा, पंजाब, यूपी एवं तमिलनाडु के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता। सह-अध्यक्ष:माननीय न्यायमूर्ति अव्न एस अल-खासावनाह (जॉर्डन के पूर्व प्रधानमंत्री, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के पूर्व उपाध्यक्ष)।डॉ. न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन (भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष)। उपाध्यक्ष:आरटी हॉन. बैरी गार्डिनर, एमपी (यूके संसद सदस्य, पूर्व संसदीय उपसचिव)।आरटी हॉन. बॉब ब्लैकमैन, सीबीई, एमपी (कंजर्वेटिव पार्टी समिति के पूर्व अध्यक्ष)।न्यायमूर्ति इफ्तिखार एम. चौधरी (पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश)।प्रो. डॉ. होल्गर मैट (यूरोपीय आपराधिक बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष)।

महासचिव: न्यायमूर्ति अहमद मुतासिम अदनान। संचालक: साराह जे. मार्चिंगटन। सम्मानित सचिव: बुर्किना फासो, मलावी, केन्या, कनाडा, वियतनाम एवं फिनलैंड के पूर्व न्यायाधीश। महत्व एवं प्रभावयह सदस्यता उत्तर भारत में कानूनी क्षेत्र की उभरती प्रतिभाओं को वैश्विक मंच प्रदान करती है।

परिषद वैश्विक न्याय, शांति एवं कानून के शासन को मजबूत करने पर कार्यरत है, जिसमें पूर्व मुख्य न्यायाधीशों एवं राजनेताओं का नेतृत्व है। दिल्ली स्थित सदस्य के चयन से क्षेत्रीय न्यायिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान सभी सिख समाज ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है

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