Connect with us

उत्तराखण्ड

दिव्य कला मेला: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया उद्घाटन, दिव्यांग उत्पादों की सराहना,,

देहरादून, : रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आज सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित “दिव्य कला मेला” का लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, राज्यपाल उत्तराखंड ने मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन किया।

देशभर से आए 100 से अधिक दिव्यांग कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों ने 90 स्टॉलों पर हस्तशिल्प, हथकरघा, आभूषण, जैविक उत्पाद, चित्रकला आदि प्रदर्शित किए, जो उनकी रचनात्मकता का जीवंत प्रमाण बने।

राज्यपाल ने स्टॉलों का अवलोकन किया, प्रतिभागियों से संवाद साधा तथा विभिन्न योजनाओं के तहत रियायती ऋण चेक वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया।

दिव्यांगता बाधा नहीं, संकल्प का प्रतीक: राज्यपालकार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मेले में प्रदर्शित प्रत्येक उत्पाद और कृति सिद्ध करता है कि दिव्यांगता कोई बाधा नहीं, बल्कि आत्मबल, संकल्प और रचनात्मकता का प्रतीक है।

उन्होंने समावेशी विकास पर बल देते हुए जोर दिया कि समाज का कोई वर्ग मुख्यधारा से वंचित नहीं रहना चाहिए तथा दिव्यांगजन सहानुभूति के नहीं, सम्मान, अवसर और समान भागीदारी के अधिकारी हैं।

आधुनिक तकनीक, एआई और नवाचारों के माध्यम से दिव्यांगजन राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं, जैसा कि आज विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियां दर्शाती हैं।

“लोकल फॉर वोकल” को मजबूत करे मेला: आह्वानराज्यपाल ने मेले को “लोकल फॉर वोकल” मंत्र का साकार रूप बताते हुए लोगों से दिव्यांग उत्पाद अपनाने का आह्वान किया, जिससे आत्मनिर्भर भारत मजबूत हो। उन्होंने कहा कि ये उत्पाद परिश्रम, समर्पण और आत्मविश्वास की प्रेरक कहानियां हैं तथा इन्हें प्रोत्साहित कर समावेशी समाज का निर्माण संभव है।

केंद्रीय मंत्री का उद्बोधन: सशक्तीकरण का उत्सवकेंद्रीय राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि यह आयोजन मानवीय सामर्थ्य का उत्सव है तथा दिव्यांग सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘सुगम्य भारत अभियान’, दिव्यांग पेंशन, विशेष शिक्षा और कौशल विकास योजनाओं से दिव्यांगों का सशक्तीकरण हो रहा है।

टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह तथा विधायक खजान दास सहित अन्य अतिथियों ने भी दिव्यांग प्रतिभाओं की सराहना की। मेले का आयोजन व कार्यक्रमयह 30वां “दिव्य कला मेला” 21 फरवरी से 1 मार्च तक रोज 11 बजे से रात 9 बजे चलेगा, जिसमें सांस्कृतिक प्रदर्शन, खेलकूद, जॉब फेयर (26 फरवरी) और समापन समारोह (1 मार्च) शामिल हैं। पूरे देश में अब तक 29 मेलों से 23 करोड़ का कारोबार हुआ तथा 20 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए गए।। यह मेला दिव्यांगों को बाजार उपलब्ध कराने तथा सहायक उपकरण पंजीकरण का मंच प्रदान करता है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page