उत्तराखण्ड
एआई से शिक्षण में आएगा क्रांतिकारी बदलाव: प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी,,
पवनीत सिंह बिंद्रा
हल्द्वानी, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (CIQA) द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत “How to Use AI in Teaching” विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षण प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभावी उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
कुलपति का महत्वपूर्ण संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि वर्तमान समय में एआई शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता दैनिक कार्यों को सरल और प्रभावी बना सकती है, बशर्ते इसका उपयोग सावधानीपूर्वक और जिम्मेदारी से किया जाए। प्रो. लोहनी ने शिक्षकों से अपील की कि वे एआई आधारित तकनीकों को अपनाकर शिक्षण को रोचक, प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनाएं।
मुख्य वक्ता के व्याख्यान की मुख्य बातें
मुख्य वक्ता प्रो. शिवानंद कनवी (पूर्व उपाध्यक्ष, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) ने एआई के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिक्षक एआई टूल्स से:
शिक्षण सामग्री आसानी से तैयार कर सकते हैं।
छात्रों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर सकते हैं।
व्यक्तिगत अधिगम (पर्सनलाइज्ड लर्निंग) को बढ़ावा दे सकते हैं।
व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए उन्होंने एआई उपयोग को सरल बनाकर समझाया।
स्वागत और संचालन
कार्यक्रम के प्रारंभ में CIQA निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे व्याख्यान शिक्षकों को नवीन तकनीकों से जोड़ते हैं और शिक्षा गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण हैं। संचालन प्रो. नीरजा सिंह ने किया। विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों से शिक्षक, शोधार्थी और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम उत्तराखंड में शिक्षा के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।














