उत्तराखण्ड
मेरा सपना – मेरा लक्ष्य’ से बालिकाओं को प्रशासनिक अनुभव और करियर मार्गदर्शन,,
डीएम भटगांई की पहल: सीमांत क्षेत्र की छात्राओं को प्रशासन से सीधा संवाद मंच,,,,
बालिकाओं के सपनों को दिशा—कार्यक्रम का चौथा संस्करण सफल,,,,
पिथौरागढ़ में महिला सशक्तिकरण के लिए जिलाधिकारी आशीष भटगांई के नेतृत्व में ‘मेरा सपना – मेरा लक्ष्य’ कार्यक्रम निरंतर प्रभावी हो रहा है। शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में इसके चौथे संस्करण का आयोजन हुआ, जिसमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, थल की 26 छात्राओं ने भाग लिया।
छात्राओं को विभिन्न शासकीय कार्यालयों का शैक्षिक भ्रमण कराया गया और महिला प्रशासनिक अधिकारियों से सीधा संवाद हुआ। इससे उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नजदीकी से जाना तथा करियर मार्गदर्शन प्राप्त किया। यह पहल महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चल रही है, जो प्रत्येक माह सीमांत बालिकाओं को प्रशासन से जोड़ती है।
जिलाधिकारी ने छात्राओं से सहज संवाद में कहा, “सपने तभी साकार होते हैं जब उनके लिए निरंतर प्रयास हो। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं—आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर सीखना ही कुंजी है।” उन्होंने ईमानदारी, करुणा, धैर्य और ‘डिसिप्लिन व डेडिकेशन’ को सफलता का मंत्र बताया।
शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुर्वेद एवं प्रशासनिक सेवाओं की महिला अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। छात्राओं ने आकांक्षाओं पर प्रश्न पूछे और सफलता के सूत्र सीखे। डीएम ने आश्वासन दिया, “प्रशासन का द्वार आपके लिए हमेशा खुला है।”
छात्राओं ने इसे प्रेरणादायक व अविस्मरणीय बताया।
कार्यक्रम का उद्देश्य
बालिकाओं को प्रशासनिक एवं सार्वजनिक संस्थानों से परिचित कराना।
आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जागरूकता विकसित करना।
सपनों को स्पष्ट लक्ष्यों में बदलने के लिए मार्गदर्शन देना।
कार्यक्रम का संचालन प्रवीण रावल ने सुव्यवस्थित ढंग से किया। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण पंत, उपजिलाधिकारी सदर जीतेन्द्र वर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. चंद्रकला भैंसोड़ा सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक उपस्थित रहे।














