उत्तराखण्ड
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर श्रद्धांजलि और संघर्ष का संकल्प,,
हल्द्वानी ,,, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रगतिशील महिला एकता केंद्र व प्रगतिशील भोजन माता संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में युद्ध प्रभावित मासूमों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे युद्धों और अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले में मारे गए 165 बच्चों व निर्दोषों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। युद्धों का महिलाओं पर दुष्प्रभाववक्ताओं ने कहा कि दुनिया भर में युद्धों का सबसे अधिक असर आम लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। कार्यक्रम में “हर जुल्म से लड़ने वाले सब एक हैं” गीत गाकर शोक व्यक्त किया गया। हाल के साम्राज्यवादी युद्धों में मारे गए मासूमों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया गया।कामगार महिलाओं की चुनौतियांकार्यक्रम में कामगार महिलाओं की स्थिति, अधिकारों और चुनौतियों पर चर्चा हुई। नई श्रम संहिताओं के तहत रात्रि पाली में काम करवाने का विरोध किया गया, इसे महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और बच्चों की देखभाल के लिए अमानवीय बताया। उत्तराखंड में मेहनतकश महिलाओं को कठोर काम, कम मानदेय, असुरक्षित कार्यस्थल और भेदभाव झेलना पड़ रहा है। भोजनमाताओं की दयनीय स्थितिभोजनमाता संगठन ने 3000 रुपये के नाममात्र मानदेय पर माली, सफाई, चौकीदार जैसे काम करवाए जाने की निंदा की। सरकारी दावों के विपरीत सार्वजनिक शौचालय और सुरक्षा इंतजाम लचर हैं। संगठन न्यूनतम वेतन की मांग करता रहा है। अपराधों पर चिंताप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड ने समाज को झकझोर दिया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। देहरादून में महिला जज हत्या और दिनदहाड़े हत्याओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। मांगें और संकल्पसरकार से अपराधों पर सख्त कार्रवाई, सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा की मांग की गई। सभी ने कार्यस्थल, सामंती व घरेलू हिंसा के खिलाफ संघर्ष मजबूत करने का संकल्प लिया। महिलाएं न्याय, समानता और शांति के लिए सक्रिय रहेंगी।प्रमुख उपस्थितचंपा गिनवाल, बीना देवी, बबीता पांडे, तुलसी देवी, किरण नेगी, धनौली देवी, ममता देवी, परवीन, शहाना, सीता देवी, गंगा देवी मीना, आरती, ममता मेहता, लीला देवी, कुंती, कमला, रजनी आरती आदि शामिल। पछास, क्रालोस, मेडिकल एसोसिएशन का समर्थन।

























