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उत्तराखण्ड

शीशमहल महिला रामलीला: तीसरे दिन धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर ने बांधे दर्शकों को,,


हल्द्वानी, उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी हल्द्वानी के शीशमहल मैदान में चल रही महिला रामलीला ने तीसरे दिन धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद, राम बारात तथा सीता स्वयंवर के भव्य मंचन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सेल्फ रिलायंस इनशियेटिव संस्था की अध्यक्ष तनुजा जोशी ने बताया कि यह आयोजन महिलाओं की सशक्त भूमिका को रेखांकित करता है, जहां स्थानीय कलाकारों ने रामायण के इन महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत कर दिया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
रामायण के प्रमुख प्रसंगों का शानदार चित्रण
रामलीला का तीसरा दिन धनुष यज्ञ से प्रारंभ हुआ, जिसमें परशुराम और लक्ष्मण के बीच रोमांचक संवाद ने दर्शकों को बांध लिया। इसके बाद राम बारात का भव्य जुलूस निकाला गया, जो सीधा सीता स्वयंवर की ओर अग्रसर हुआ। स्वयंवर प्रसंग में शिव धनुष भंग का दृश्य विशेष रूप से प्रभावशाली रहा, जहां राम ने अपनी शक्ति का परिचय दिया। मंचन में पारंपरिक वेशभूषा, संगीतमय संवाद और नृत्य ने रामायण की भावना को साकार किया।
कलाकारों की चमकदार प्रस्तुति
महिला रामलीला की खासियत इसके सभी महिला कलाकार हैं। मुख्य भूमिकाओं में निम्नलिखित कलाकारों ने उत्कृष्ट अभिनय किया:
जनक: नीलम लोहनी
सुनैना: सरोज बिष्ट
2 बंदीजन: हेमा चौहान, टीना जोशी
दशरथ: भुवनेश्वरी जोशी
परशुराम: भावना बोहरा
राम: मानसी रावत
लक्ष्मण: अंशिका जीना
भरत: यशस्वी जोशी
शत्रुघ्न: उपासना जोशी
सीता: उर्वशी जोशी
विश्वामित्र: कमला जीना
रावण: दीपा कोश्यारी
बाणासुर: गीता नैनवाल
सीता की 2 सखियां: स्थानीय कलाकाराएं
इसके अतिरिक्त 7-8 राजागणों ने पृष्ठभूमि को समृद्ध किया। डायरेक्टर मुकेश जोशी ने बताया कि हारमोनियम पर मोहन जोशी तथा तबला वादन कुश पाण्डेय द्वारा संगीत निर्देशन किया जा रहा है, जो मंचन को और अधिक जीवंत बना रहा है।
सांस्कृतिक महत्व और भविष्य की झलक
यह रामलीला न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को मंच प्रदान करने का माध्यम भी है। तनुजा जोशी ने कहा, “यह पहल आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा दे रही है।” आयोजन शीशमहल में चालू है तथा आगामी दिनों में अग्नि परिक्षा और वनवास जैसे प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। दर्शक सायंकालीन समय में पहुंचकर इस सांस्कृतिक धरोहर का आनंद ले सकते हैं।

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