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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड मुक्त विवि कार्यपरिषद की 45वीं बैठक में लिए गए अहम निर्णय,


16 शिक्षकों को पदोन्नति, 13 कौशल विकास केंद्रों व आठ गांव गोद लेने को मंजूरीउपशीर्षकप्रशासनिक, शैक्षणिक व विकास से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर, सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत आठ गांवों में चलेंगे शिक्षा व कौशल विकास कार्यक्रम

हल्द्वानी
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी की कार्यपरिषद की 45वीं बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में शिक्षकों की पदोन्नति, विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक पदों के लिए सेवा नियमावली तैयार करने, अस्थायी रूप से कार्यरत कार्मिकों के वेतन पुनरक्षण तथा राज्य में कौशल विकास केंद्रों की स्थापना सहित अनेक अहम बिंदुओं पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।बैठक की शुरुआत में कार्यपरिषद की 44वीं बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की 34वीं बैठक तथा वित्त समिति की 21वीं बैठक की संस्तुतियों पर अनुमोदन प्रदान किया गया।कार्यपरिषद ने निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय में सहायक क्षेत्रीय निदेशक, शोध अधिकारी, आईटी निदेशक, कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर तथा नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर जैसे तकनीकी व प्रशासनिक पदों के लिए सेवा नियमावली तैयार की जाएगी। इसके लिए एक समिति गठित की गई है, जो इन पदों के लिए सेवाशर्तों का प्रारूप तैयार कर कार्यपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी। इसी प्रकार विश्वविद्यालय में अस्थायी रूप से कार्यरत कार्मिकों एवं शिक्षकों के वेतन पुनरक्षण के लिए भी अलग समिति गठित की गई है, जो अपना प्रतिवेदन कार्यपरिषद को सौंपेगी।बैठक में 16 स्थायी शिक्षकों को पदोन्नति देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें 13 शिक्षकों को शैक्षणिक स्तर 10 से स्तर 11 तथा 3 शिक्षकों को स्तर 11 से स्तर 12 में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति से संबंधित औपचारिकताएं विश्वविद्यालय नियमों के अनुरूप पूर्ण की जाएंगी।विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी के अंतर्गत कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय के आठ क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा आठ गांव गोद लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इनमें उत्तरकाशी क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत टिहरी गढ़वाल का मोलनों गांव, हल्द्वानी क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर का कुण्डेश्वरी गांव, देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत कालसी का कोरूवा गांव, रानीखेत क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट ब्लॉक का मल्ला मिराई गांव, रूड़की क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत हरिद्वार जिले के बहादराबाद का जσσावाला गांव, पौड़ी क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत पौड़ी जिले का मल्ला गांव, पिथौरागढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत चम्पावत जिले का अमोडी गांव तथा कर्णप्रयाग क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र का मनिगुह गांव शामिल हैं। इन गांवों में विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता तथा जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।बैठक में 15 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप राज्य में 13 कौशल विकास केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी कार्यपरिषद ने विस्तृत विमर्श कर संस्तुति प्रदान की। कार्यपरिषद ने इसे बेहतर एवं दूरदर्शी प्रस्ताव बताते हुए कहा कि इन केंद्रों की स्थापना से राज्य के दुर्गम क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी और युवाओं में कौशल विकास को नया आयाम मिलेगा। सदस्यों ने कहा कि भविष्य में इन केंद्रों में शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ रोजगारोन्मुखी कौशल विकास पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के साथ नए रोजगार अवसर प्राप्त होंगे।बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों को गोद लेने और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना जैसे कदम प्रदेश के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे तथा विश्वविद्यालय की समाज से सहभागिता और अधिक सशक्त होगी। बैठक से संबंधित विस्तृत जानकारी बैठक के सचिव एवं कुलसचिव खेमराज भट्ट ने दी।बैठक में कार्यपरिषद के अध्यक्ष कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी, बाह्य सदस्य के रूप में प्रो. योजना रावत, निदेशक रिसर्च, यूनिवर्सिटी ऑफ ओपन लर्निंग, पंजाब यूनिवर्सिटी, श्री रमेश चन्द्र बिंजोला, अध्यक्ष, हिमालयन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, हल्द्वानी मौजूद रहे। आंतरिक सदस्यों में प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. पी.डी. पंत, प्रो. जितेन्द्र पांडेय, डॉ. हरीश चन्द्र जोशी, डॉ. नीरजा सिंह, कुलसचिव खेमराज भट्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार, वित्त नियंत्रक एस.पी. सिंह ऑफलाइन माध्यम से शामिल हुए, जबकि प्रो. दीक्षा कपूर, एसओएसीई, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली तथा डॉ. अजय कुमार गुप्ता, सीईओ, सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल्स लि. बाह्य सदस्य के रूप में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।,,

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