उत्तराखण्ड
कृषि पट्टे की जमीन पर फला-फूला होटल, 0.220 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित: डीएम रयाल की सख्ती,,
नैनीताल, नैनीताल जिले में कृषि उपयोग के लिए आवंटित पट्टे की कीमती जमीन पर अवैध रूप से होटल-रिसोर्ट खड़ा करने के मामले ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने पट्टा शर्तों के घोर उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सूर्या गांव, पट्टी चोपड़ा स्थित 0.220 हेक्टेयर (लगभग 2.2 नाली) भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के आदेश पारित कर दिए हैं। यह कार्रवाई न केवल अवैध कब्जेदारों को सबक सिखाएगी, बल्कि पूरे जनपद में पट्टा भूमि के दुरुपयोग पर लगाम लगाने का संदेश देगी।पट्टाधारकों ने कृषि भूमि को लीज पर देकर किया व्यावसायिक उपयोगप्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपाल सिंह, केशर सिंह तथा उदुली देवी को उत्तराखंड सरकार की श्रेणी-5 और श्रेणी-7(क) के तहत यह जमीन वर्षों पूर्व कृषि प्रयोजन हेतु पट्टे पर आवंटित की गई थी। राज्य की पट्टा नीति के अनुसार, ऐसी भूमि का उपयोग केवल खेती-बाड़ी, बागवानी या संबद्ध कृषि कार्यों तक सीमित होता है। लेकिन जांच में पाया गया कि पट्टाधारकों ने इसे निर्धारित उद्देश्य से भटकाते हुए विकास किरोला नामक पक्ष को लीज पर दे दिया।इसके परिणामस्वरूप, उक्त भूमि पर एक पूर्ण विकसित होटल/रिसोर्ट का निर्माण हो गया, जहां पर्यटकों के ठहरने, भोजन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने होटल की भव्य इमारतें, पार्किंग व्यवस्था और व्यस्तता का जायजा लिया, जो कृषि भूमि के चरित्र से कोसों दूर थी। राजस्व अभिलेखों में भी कोई अनुमति या रूपांतरण रिकॉर्ड नहीं मिला।डीएम न्यायालय का फैसला: राज्य निहितीकरण और कब्जा आदेशजिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के न्यायालय में दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की गई। डीएम रयाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पट्टा एक सामाजिक कल्याणकारी योजना है, जिसका दुरुपयोग असहनीय है। उन्होंने भूमि को तत्काल राज्य सरकार में निहित घोषित करते हुए परगना अधिकारी नैनीताल को निर्देश दिए हैं कि नियमानुसार कब्जा प्राप्त कर 15 दिनों के भीतर आख्या प्रस्तुत करें।इस कार्रवाई से प्रभावित होटल का संचालन बंद होने की संभावना है, जिससे स्थानीय पर्यटन पर मामूली असर पड़ सकता है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में कृषि भूमि का संरक्षण प्राथमिकता है।व्यापक संदर्भ: नैनीताल में बढ़ते पट्टा उल्लंघन के मामलेनैनीताल जनपद में पर्यटन बूम के कारण कृषि पट्टा भूमि पर अवैध निर्माण की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले एक वर्ष में इसी तरह के 5 से अधिक मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें हल्द्वानी और कालाढूंगी क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। राज्य सरकार की ‘भूमि पट्टा नियमावली 2020’ के तहत उल्लंघन पर निहितीकरण के अलावा जुर्माना और आपराधिक मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। डीएम रयाल ने सभी तहसीलदारों को सतर्क रहने और नियमित निरीक्षण के आदेश दिए हैं।स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। सूर्या गांव के एक ग्रामीण ने कहा, “कृषि भूमि पर होटल बनने से पानी और मिट्टी का नुकसान हो रहा था। प्रशासन की सख्ती सराहनीय है।”प्रशासन की यह मुहिम पट्टा शर्तों के सख्त पालन और भूमि संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

























