उत्तराखण्ड
वर्ष प्रतिपदा पर हल्द्वानी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन,,
हल्द्वानी, 22 मार्च 2026: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) हल्द्वानी नगर ने एक विशाल पथ संचलन का आयोजन किया। पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरानगर से प्रारंभ हुआ यह पथ संचलन रेडियेंट हॉस्पिटल, संघ कार्यालय मुखानी होते हुए कालूसाईं मंदिर तक पहुंचा और पुनः उत्थान मंच हीरानगर लौटा। सैकड़ों स्वयंसेवकों की भागीदारी वाले इस आयोजन में संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
संघ नेताओं ने किया डॉ. हेडगेवार को पुष्पांजलि
उत्थान मंच हीरानगर में एकत्र स्वयंसेवकों के समक्ष उत्तराखंड प्रांत के प्रांत संघचालक प्रोफेसर बहादुर सिंह बिष्ट, जिला संघचालक डॉ. नीलamber भट्ट, नगर संघचालक विवेक कश्यप एवं सहप्रांत प्रचारक चन्द्रशेखर ने डॉ. हेडगेवार जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सहप्रांत प्रचारक चन्द्रशेखर ने बौद्धिक सत्र संबोधित किया, जिसमें वर्ष प्रतिपदा के गौरवपूर्ण इतिहास एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रतिपदा: सृष्टि संरचना एवं विक्रम संवत् का प्रतीक
सहप्रांत प्रचारक चन्द्रशेखर ने बताया कि ब्रह्म पुराण के अनुसार चैत्र मास के प्रथम दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि संरचना प्रारंभ की, इसलिए भारतीय परंपरा में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नववर्षारंभ माना जाता है। यह दो ऋतुओं का संधिकाल होने से प्रकृति नव रूप धारण करती है, बर्फ पिघलती है, आमों पर बौर आता है तथा समस्त सृष्टि ऊर्जावान हो उठती है। उन्होंने उल्लेख किया कि इसी दिन 2054 वर्ष पूर्व उज्जयिनी नरेश महाराज विक्रमादित्य ने शकों पर विजय प्राप्त कर विक्रमी संवत् की शुरुआत की, साथ ही भगवान राम एवं महाराज युधिष्ठिर के राज्याभिषेक का भी स्मरण किया।
भारतीय काल गणना वैज्ञानिक एवं प्राचीन
चन्द्रशेखर जी ने जोर देकर कहा कि हमारी विक्रमी संवत् सूर्य-चंद्र गति पर आधारित वैज्ञानिक काल गणना है, जो विश्व की सबसे प्राचीन है। नासा वैज्ञानिक भी भारतीय परंपराओं पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी को राष्ट्र पुनर्जागरण का प्रणेता बताया, जिन्होंने समाज संगठन हेतु आरएसएस की स्थापना की ताकि हिंदू समाज जागरूक, शक्तिशाली एवं अनुशासित बने।
डॉ. हेडगेवार का योगदान एवं राष्ट्र सेवा संकल्प
बौद्धिक में उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार केवल संगठन संस्थापक नहीं, अपितु राष्ट्रीय पुनर्जागरण के यजमान थे। आज विकसित भारत के दौर में उनकी दूरदृष्टि प्रासंगिक है। ‘संघे शक्ति कलयुगे’ के सूत्र को याद करते हुए पूर्वजों जैसे शिवाजी महाराज एवं महाराणा प्रताप के उदाहरण दिए। ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र करते हुए जाति-पंथ भेद त्यागकर राष्ट्र सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। सभी से राष्ट्र सेवा में जीवन समर्पित करने एवं डॉ. हेडगेवार के सपनों के भारत निर्माण में योगदान देने को कहा। प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित।पथ संचलन में जिला प्रांत संघचालक डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट, जिला संघचालक डॉ. नीलamber भट्ट, नगर संघचालक विवेक कश्यप, जिला प्रचारक जितेंद्र, नगर प्रचारक प्रभाकर, विभाग प्रचार प्रमुख उमेश साह, सह जिला प्रचार प्रमुख भुवन, मुख्य शिक्षक कमल, नगर कार्यवाह प्रकाश पाण्डेय, सह नगर कार्यवाह तनुज गुप्ता, प्रहलाद मेहरा, जिला शारीरिक प्रमुख सूरज तिवारी, जिला सहबौद्धिक प्रमुख कमलेश त्रिपाठी, नगर बौद्धिक प्रमुख मनोज, प्रचार प्रमुख डॉ. नवीन शर्मा, उपनगर कार्यवाह नितिन ललित, हिमांशु, रूपचंद्र समेत सैकड़ों स्वयंसेवक मौजूद रहे। इस दौरान: डॉ. नवीन शर्मा, नगर प्रचार प्रमुख, जिला हल्द्वानी। यह आयोजन उत्तराखंड में संघ की सांस्कृतिक गतिविधियों का हिस्सा है,































