उत्तराखण्ड
लोक भवन से निकाला गया प्राकृतिक शहद, राज्यपाल ने की सराहना,,
देहरादून, : आज लोक भवन परिसर में स्थापित मधुमक्खी बक्सों से शहद निकाला गया। इस वर्ष के प्रथम चरण में 15 बक्सों से लगभग 41 किलोग्राम शहद प्राप्त हुआ। ये बक्से पुष्प प्रदर्शनी के दौरान लगाए गए थे, जिसमें मेलीफेरा प्रजाति की मधुमक्खियां रखी गई हैं।
राज्यपाल ने शहद निकालने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया
इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने हनी बी प्रोसेसिंग का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड का शहद वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगा और मजबूत ब्रांड के रूप में उभरेगा।
पर्यटन और जैविक खेती से जुड़ी संभावनाएं
राज्यपाल ने जोर दिया कि पर्यटन केंद्र के रूप में प्रसिद्ध उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य को प्रकृति ने औषधीय-सुगंधित पौधों के साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती की अपार संभावनाएं दी हैं, जिनका उपयोग कर मधुमक्खी पालन को और विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि
इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, उद्यान अधिकारी श्री दीपक पुरोहित, नेशनल बी बोर्ड के सदस्य श्री अजय सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
देहरादून, 24 मार्च 2026: आज लोक भवन परिसर में स्थापित मधुमक्खी बक्सों से शहद निकाला गया। इस वर्ष के प्रथम चरण में 15 बक्सों से लगभग 41 किलोग्राम शहद प्राप्त हुआ। ये बक्से पुष्प प्रदर्शनी के दौरान लगाए गए थे, जिसमें मेलीफेरा प्रजाति की मधुमक्खियां रखी गई हैं।
राज्यपाल ने शहद निकालने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया
इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने हनी बी प्रोसेसिंग का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड का शहद वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगा और मजबूत ब्रांड के रूप में उभरेगा।
पर्यटन और जैविक खेती से जुड़ी संभावनाएं
राज्यपाल ने जोर दिया कि पर्यटन केंद्र के रूप में प्रसिद्ध उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य को प्रकृति ने औषधीय-सुगंधित पौधों के साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती की अपार संभावनाएं दी हैं, जिनका उपयोग कर मधुमक्खी पालन को और विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि
इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, उद्यान अधिकारी श्री दीपक पुरोहित, नेशनल बी बोर्ड के सदस्य श्री अजय सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।














