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उत्तराखण्ड

राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh के समक्ष अत्याधुनिक काउंटर ड्रोन तकनीक का विस्तृत प्रस्तुतिकरण एवं डेमो,,


देहरादून, – उत्तराखण्ड के कल्याण रूप में अत्याधुनिक परिवर्तन और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के महत्वपूर्ण प्रयास के तहत, आज राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के समक्ष एक विशेष तकनीकी प्रस्तुतिकरण और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा अत्याधुनिक काउंटर ड्रोन तकनीक का विस्तृत प्रस्तुतिकरण एवं डेमो प्रदर्शन किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के ड्रोन और उनकी काउंटर ड्रोन कार्यप्रणाली, क्षमताओं एवं उनके विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
डेमो का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार के ड्रोन और काउंटर ड्रोन सिस्टम की कार्यप्रणाली, उनकी क्षमताओं एवं उपयोग के बारे में वयाख्या की। इस दौरान शासन, पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ उन्नत तकनीकों के उपयोग की व्यावहारिक दृष्टि से चर्चा की।
राज्यपाल के मुख्य बिंदु
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा, “वर्तमान समय में बदलती सुरक्षा चुनौतियों एवं तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए ड्रोन और काउंटर ड्रोन तकनीक का महत्व निरंतर बढ़ रहा है।” उन्होंने इस प्रकार की उन्नत तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर बल देते हुए संबंधित विभागों को इनके संभावित उपयोग के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
ड्रोन और काउंटर ड्रोन तकनीक का महत्व
वर्तमान परिदृश्य में सीमाओं की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। ड्रोन के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ उनसे उत्पन्न संभावित चुनौतियों को देखते हुए काउंटर ड्रोन तकनीक अत्यंत आवश्यक हो गई है। यह तकनीक संदिग्ध या अनधिकृत ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग और निष्क्रिय करने में सक्षम है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और अधिक मजबूत की जा सकती है। विशेष रूप से संवेदनशील सीमाओं वाले राज्यों के लिए यह तकनीक रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उत्तराखण्ड के संदर्भ में उपयोग
ड्रोन तकनीक का उपयोग आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तथा आवश्यक सेवाओं के त्वरित संचालन में अत्यंत प्रभावी रूप से किया जा सकता है। विशेष रूप से उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय एवं दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से दवाइयों, आवश्यक सामग्रियों और राहत सामग्री को शीघ्रता से पहुंचाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, काउंटर ड्रोन तकनीक का उपयोग बड़े आयोजनों जैसे कुंभ, कांवड़ यात्रा आदि में भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।
उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधियों की सूची
इस अवसर पर निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे:
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ
गृह सचिव शैलेश बगोली
सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन
अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी
निदेशक आईटीडीए आलोक कुमार पांडे
कुलपति ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय प्रो. नरपिंदर सिंह
कुलपति उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. तृप्ता ठाकुर
कुलपति यूपीईएस डॉ. सुनील राय
जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल
कमांडिंग ऑफिसर 1/3 गढ़वाल राइफल कर्नल मंदार बिनिवाले
कमोडोर आरएम थोमस
डीआईजी सीआरपीएफ संजीव कुमार

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने इस अवसर पर इस तकनीक के उपयोग के लिए सभी जिलों और विभागों को निर्देश दिए कि वे इस प्रौद्योगिकी के लाभों को अपने स्तर पर लागू करें और आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करें। यह ढल तकनीक उत्तराखण्ड के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी, जहाँ पर्वतीय भूगोल और दुर्गम क्षेत्रों की वजह यात्रा एवं संचार में बड़ी चुनौतियाँ हैं।

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