उत्तराखण्ड
गोलापार खनन क्षेत्र में ओवरलोडिंग पर प्रशासन की सख्ती, 111 चालान और 7 वाहन सीज,,
हल्द्वानी, उत्तराखंड के नैनीताल जिले में गोलापार खनन क्षेत्र से गुजरने वाले मालवाहनों द्वारा ओवरलोडिंग और खनिज पदार्थों को बिना ढककर ले जाने की लगातार शिकायतें जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके परिणामस्वरूप संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) अरविंद पांडेय के नेतृत्व में आज गौला क्षेत्र में एक बृहत् चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान न केवल ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
अभियान में कठोर प्रवर्तन कार्रवाई
चेकिंग के दौरान ओवरलोडिंग करते हुए वाहनों और खनिज सामग्री को अनावरणित रखकर परिवहन करने वाले मालवाहकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई। परिणामस्वरूप:
कुल 111 मालवाहनों के चालान काटे गए, जिनमें जुर्माना राशि लाखों में होने का अनुमान है।
7 गंभीर रूप से ओवरलोडेड वाहन तत्काल सीज कर लिए गए।
सभी वाहनों के कागजात, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट और लोड क्षमता की सघन जांच की गई।
जिलाधिकारी के विशेष आदेशों के अनुपालन में खनन क्षेत्र से गुजरने वाले हर मालवाहन को केवल निर्धारित भार क्षमता के अनुसार ही माल लादने की अनुमति दी गई। उल्लंघनकर्ताओं को स्पष्ट चेतावनी जारी की गई कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पांच टीमों ने संभाला संचालन
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया, जिनमें निम्नलिखित अधिकारी शामिल थे:
परिवहन कर अधिकारी श्रीमती अनुभा आर्य,
परिवहन कर अधिकारी श्रीमती अपराजिता पांडे,
परिवहन कर अधिकारी पवन कुमार,
परिवहन उपनिरीक्षक आरसी पंवार,
परिवहन उपनिरीक्षक गिरीश कांडपाल।
इन टीमों ने गौला क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर नाकेबंदी की और हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से जांच की। इसके अलावा, सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़े सीमेंट ट्रैक्टरों को भी हटवाया गया। वाहन स्वामियों और चालकों को निर्देश दिए गए कि शहरी क्षेत्रों में सड़क किनारे वाहन अनुशासित तरीके से ही पार्क करें। इधर-उधर वाहन खड़े कर जाम लगाने पर वाहन सीज करने की कड़ी चेतावनी दी गई।
सड़क सुरक्षा पर प्रभाव और आगे की रणनीति
यह अभियान ओवरलोडिंग से उत्पन्न होने वाले सड़क हादसों, पुलों-سड़कों को नुकसान और पर्यावरणीय क्षति को रोकने में महत्वपूर्ण साबित होगा। जिला प्रशासन के अनुसार, ओवरलोडिंग उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है, जो पिछले वर्ष दर्जनों हादसों का सबब बनी।।अभियान निरंतर जारी रहेगा।
दोषी चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे।
वाहनों के परमिट के खिलाफ अलग से कार्रवाई होगी।
स्थानीय खनन व्यवसायियों के साथ बैठक कर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।,
















